Ayodhya Case Hearing In Supreme Court
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Ayodhya Case: कैसा है अयोध्या का माहौल, 10 प्वाइंट्स में जानिए
- Wednesday October 16, 2019
- Edited by: आरिफ खान मंसूरी
सुप्रीम कोर्ट, अयोध्या मामले (Ayodhya Case Hearing) में बुधवार को आखिरी सुनवाई करेगा. मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान एक हिन्दू पक्ष ने दलील दी कि भारत विजय के बाद मुगल शासक बाबर द्वारा करीब 433 साल पहले अयोध्या में भगवान राम के जन्म स्थान पर मस्जिद का निर्माण कर ‘ऐतिहासिक भूल' की गयी थी और अब उसे सुधारने की आवश्यकता है. अयोध्या मामले अभी तक 39 दिन सुनवाई चली है. बता दें, सीजेआई रंजन गोगोई ने उम्मीद जताई थी कि 17 अक्टूबर तक इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली जाएगी और 17 नवंबर को अयोध्या मसले पर फैसला सुना दिया जाएगा. 17 नवंबर को ही सीजेआई रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं.
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Ayodhya Case Updates: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद में नवंबर में आएगा फैसला
- Wednesday October 16, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: आरिफ खान मंसूरी, सूर्यकांत पाठक
अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आखिरी सुनवाई बुधवार को शाम चार बजे पूरी कर ली. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले की सुनवाई पूरी करने के पश्चात अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.
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Ayodhya Case: हिंदू संस्था ने SC में कहा- मस्जिद का निर्माण बाबर ने नहीं बल्कि औरंगजेब ने कराया था
- Wednesday October 16, 2019
- भाषा
एक मुस्लिम पार्टी द्वारा दायर मुकदमे में प्रतिवादी अखिल भारतीय श्री राम जन्म भूमि पुनरुद्धार समिति ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष बाबरनामा, हुमायूंनामा, अकबरनामा और तुजुक-ए-जहांगीरी जैसी ऐतिहासिक पुस्तकों का उल्लेख किया.
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SC में अयोध्या मामले पर सुनवाई: एक पक्ष ने कहा- बाबर कभी अयोध्या नहीं आया, उसने कोई मस्जिद नहीं बनाई
- Wednesday October 16, 2019
- भाषा
अखाड़ा ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को इस रुख के बारे में बताया. उससे पूछा गया था कि क्या वह इस तथ्य के आलोक में राम लला की याचिका का विरोध कर रहा है कि 'शबैत' (उपासक) के तौर पर संपत्ति पर उसका अधिकार तभी हो सकता है जब 'राम लला विराजमान' के वाद को विचारार्थ स्वीकार किया जाए.
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राम लला के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दी दलील, कहा- "हिन्दुओं का विश्वास अयोध्या में जन्मे थे राम, इससे आगे न जाए कोर्ट"
- Wednesday October 16, 2019
- Reported by: भाषा, Edited by: बबिता पंत
सीनियर एडवोकेट वैद्यनाथ ने मंगलवार को कोर्ट को बताया था कि भगवान राम की जन्मस्थली अपने आप में देवता है और मुस्लिम 2.77 एकड़ विवादित जमीन पर अधिकार होने का दावा नहीं कर सकते क्योंकि संपत्ति को बांटना ईश्वर को 'नष्ट करने' और उसका 'भंजन' करने के समान होगा.
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Ayodhya Case Hearing: जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इसे देश का शीर्ष न्यायालय ही रहने दें
- Wednesday October 16, 2019
- भाषा
बुधवार को उच्चतम न्यायालय में दलील दी गयी कि करोड़ों श्रद्धालुओं की ‘अटूट आस्था’ ही यह साबित करने के लिये पर्याप्त है कि अयोध्या में समूचा विवादित स्थल ही भगवान राम का जन्म स्थान है. शीर्ष अदालत ने जोर देकर कहा कि अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि पर कब्जा होने संबंधी हिन्दू पक्षकारों का दावा साबित करने के लिये राजस्व रिकार्ड, अन्य दस्तावेज और मौखिक दस्तावेज ‘बहुत ही महत्वपूर्ण साक्ष्य’ होंगे. इस विवाद में एक पक्षकार ‘राम लला विराजमान’ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन ने कहा कि राम जन्मभूमि अपने आप में ही हिन्दुओं के लिये मूर्ति का आदर्श और पूजा का स्थान हो गया है. उन्होंने पीठ से जानना चाहा कि इतनी सदियों के बाद इस स्थान पर ही भगवान राम का जन्म होने के बारे में सबूत कैसे पेश किया जा सकता है.
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अयोध्या विवादः सुप्रीम कोर्ट अपनी निगरानी में मध्यस्थता के जरिए चाहता है समझौता
- Tuesday February 26, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव
अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट अपनी निगरानी में मध्यथता के जरिए समझौता चाहता है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा है कि मध्यथता के विकल्पों को आठ हफ्ते के भीतर तलाशा जाए, जो पूरी तरह गोपनीय हो और उस पर मीडिया में बहस न हो.
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अयोध्या विवाद: मुस्लिम पक्षकार के वकील ने उठाए जस्टिस ललित पर सवाल, CJI ने कहा- बनेगी नई बेंच, अगली सुनवाई 29 जनवरी को
- Thursday January 10, 2019
- एनडीटीवी
पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ (Constitution Bench) के सदस्य जस्टिस यूयू ललित (Justice UU Lalit) ने गुरुवार को खुद को सुनवाई से अलग कर लिया. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक नई पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की. पीठ के बैठते ही मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि जस्टिस ललित उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पैरवी करने के लिए 1994 में अदालत में पेश हुए थे.
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अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद केस पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आज करेगी सुनवाई
- Thursday January 10, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: सूर्यकांत पाठक
अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के विवाद के केस की सुनवाई गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) की नई संविधान पीठ (Constitution Bench) करेगी. अयोध्या मामले (Ayodhya Case) की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ करेगी. सुनवाई करने वाली संविधान पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ हैं.
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अयोध्या में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब 10 जनवरी को 3 जजों की नई बेंच के सामने होगा मामला
- Friday January 4, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव
अयोध्या में राम मंदिर विवाद पर सुुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए एक नई बेंच के गठित करने की बात कही है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अयोध्या मामले पर अब 10 जनवरी को सुनवाई होगी. हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उससे पहले तीन जजों की बेंच नई बेंच बनाई जाएगी, जो इस मामले पर सुनवाई करेगी और यही बेंच तय करेगी कि सुनवाई कब हो.
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Ayodhya Case: कैसा है अयोध्या का माहौल, 10 प्वाइंट्स में जानिए
- Wednesday October 16, 2019
- Edited by: आरिफ खान मंसूरी
सुप्रीम कोर्ट, अयोध्या मामले (Ayodhya Case Hearing) में बुधवार को आखिरी सुनवाई करेगा. मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान एक हिन्दू पक्ष ने दलील दी कि भारत विजय के बाद मुगल शासक बाबर द्वारा करीब 433 साल पहले अयोध्या में भगवान राम के जन्म स्थान पर मस्जिद का निर्माण कर ‘ऐतिहासिक भूल' की गयी थी और अब उसे सुधारने की आवश्यकता है. अयोध्या मामले अभी तक 39 दिन सुनवाई चली है. बता दें, सीजेआई रंजन गोगोई ने उम्मीद जताई थी कि 17 अक्टूबर तक इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली जाएगी और 17 नवंबर को अयोध्या मसले पर फैसला सुना दिया जाएगा. 17 नवंबर को ही सीजेआई रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं.
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Ayodhya Case Updates: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद में नवंबर में आएगा फैसला
- Wednesday October 16, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: आरिफ खान मंसूरी, सूर्यकांत पाठक
अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आखिरी सुनवाई बुधवार को शाम चार बजे पूरी कर ली. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले की सुनवाई पूरी करने के पश्चात अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.
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Ayodhya Case: हिंदू संस्था ने SC में कहा- मस्जिद का निर्माण बाबर ने नहीं बल्कि औरंगजेब ने कराया था
- Wednesday October 16, 2019
- भाषा
एक मुस्लिम पार्टी द्वारा दायर मुकदमे में प्रतिवादी अखिल भारतीय श्री राम जन्म भूमि पुनरुद्धार समिति ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष बाबरनामा, हुमायूंनामा, अकबरनामा और तुजुक-ए-जहांगीरी जैसी ऐतिहासिक पुस्तकों का उल्लेख किया.
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SC में अयोध्या मामले पर सुनवाई: एक पक्ष ने कहा- बाबर कभी अयोध्या नहीं आया, उसने कोई मस्जिद नहीं बनाई
- Wednesday October 16, 2019
- भाषा
अखाड़ा ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को इस रुख के बारे में बताया. उससे पूछा गया था कि क्या वह इस तथ्य के आलोक में राम लला की याचिका का विरोध कर रहा है कि 'शबैत' (उपासक) के तौर पर संपत्ति पर उसका अधिकार तभी हो सकता है जब 'राम लला विराजमान' के वाद को विचारार्थ स्वीकार किया जाए.
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राम लला के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दी दलील, कहा- "हिन्दुओं का विश्वास अयोध्या में जन्मे थे राम, इससे आगे न जाए कोर्ट"
- Wednesday October 16, 2019
- Reported by: भाषा, Edited by: बबिता पंत
सीनियर एडवोकेट वैद्यनाथ ने मंगलवार को कोर्ट को बताया था कि भगवान राम की जन्मस्थली अपने आप में देवता है और मुस्लिम 2.77 एकड़ विवादित जमीन पर अधिकार होने का दावा नहीं कर सकते क्योंकि संपत्ति को बांटना ईश्वर को 'नष्ट करने' और उसका 'भंजन' करने के समान होगा.
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Ayodhya Case Hearing: जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इसे देश का शीर्ष न्यायालय ही रहने दें
- Wednesday October 16, 2019
- भाषा
बुधवार को उच्चतम न्यायालय में दलील दी गयी कि करोड़ों श्रद्धालुओं की ‘अटूट आस्था’ ही यह साबित करने के लिये पर्याप्त है कि अयोध्या में समूचा विवादित स्थल ही भगवान राम का जन्म स्थान है. शीर्ष अदालत ने जोर देकर कहा कि अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि पर कब्जा होने संबंधी हिन्दू पक्षकारों का दावा साबित करने के लिये राजस्व रिकार्ड, अन्य दस्तावेज और मौखिक दस्तावेज ‘बहुत ही महत्वपूर्ण साक्ष्य’ होंगे. इस विवाद में एक पक्षकार ‘राम लला विराजमान’ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन ने कहा कि राम जन्मभूमि अपने आप में ही हिन्दुओं के लिये मूर्ति का आदर्श और पूजा का स्थान हो गया है. उन्होंने पीठ से जानना चाहा कि इतनी सदियों के बाद इस स्थान पर ही भगवान राम का जन्म होने के बारे में सबूत कैसे पेश किया जा सकता है.
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अयोध्या विवादः सुप्रीम कोर्ट अपनी निगरानी में मध्यस्थता के जरिए चाहता है समझौता
- Tuesday February 26, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव
अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट अपनी निगरानी में मध्यथता के जरिए समझौता चाहता है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा है कि मध्यथता के विकल्पों को आठ हफ्ते के भीतर तलाशा जाए, जो पूरी तरह गोपनीय हो और उस पर मीडिया में बहस न हो.
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अयोध्या विवाद: मुस्लिम पक्षकार के वकील ने उठाए जस्टिस ललित पर सवाल, CJI ने कहा- बनेगी नई बेंच, अगली सुनवाई 29 जनवरी को
- Thursday January 10, 2019
- एनडीटीवी
पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ (Constitution Bench) के सदस्य जस्टिस यूयू ललित (Justice UU Lalit) ने गुरुवार को खुद को सुनवाई से अलग कर लिया. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक नई पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की. पीठ के बैठते ही मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि जस्टिस ललित उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पैरवी करने के लिए 1994 में अदालत में पेश हुए थे.
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अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद केस पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आज करेगी सुनवाई
- Thursday January 10, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: सूर्यकांत पाठक
अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के विवाद के केस की सुनवाई गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) की नई संविधान पीठ (Constitution Bench) करेगी. अयोध्या मामले (Ayodhya Case) की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ करेगी. सुनवाई करने वाली संविधान पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ हैं.
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अयोध्या में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब 10 जनवरी को 3 जजों की नई बेंच के सामने होगा मामला
- Friday January 4, 2019
- Reported by: आशीष भार्गव
अयोध्या में राम मंदिर विवाद पर सुुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए एक नई बेंच के गठित करने की बात कही है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अयोध्या मामले पर अब 10 जनवरी को सुनवाई होगी. हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उससे पहले तीन जजों की बेंच नई बेंच बनाई जाएगी, जो इस मामले पर सुनवाई करेगी और यही बेंच तय करेगी कि सुनवाई कब हो.
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