Allahabad High Court Big Decision
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खर्च नहीं उठा सकते तो शादी न करें... इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मेंटेनेंस केस के फैसले में जाने क्या-क्या कहा
- Tuesday April 21, 2026
- Edited by: तिलकराज
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि शादी के बाद पति को परिवार का खर्च उठाना कानूनी जिम्मेदारी है, आर्थिक स्थिति खराब होने पर भी इसमें छूट नहीं मिलती.
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ndtv.in
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शादीशुदा व्यक्ति तलाक लिए बिना लिव-इन रिलेशनशिप में नहीं रह सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
- Saturday March 28, 2026
- Reported by: Deepak Gambhir, Edited by: प्रभांशु रंजन
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता पहले से ही विवाहित है और उनके जीवनसाथी जीवित है तो उन्हें अपने पहले जीवनसाथी से तलाक लिए बिना किसी तीसरे व्यक्ति के साथ 'लिव-इन रिलेशनशिप' में रहने की कानूनी अनुमति नहीं दी जा सकती.
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ndtv.in
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पहली शादी वैलिड रहने तक अपने पार्टनर से गुज़ारा भत्ता नहीं मांग सकती महिला...इलाहाबाद हाईकोर्ट
- Tuesday December 16, 2025
- Written by: Deepak Gambhir, Edited by: धीरज आव्हाड़
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए कहा कि पहली शादी वैध होने पर महिला CRPC 125 के तहत दूसरी शादी या लिव‑इन जैसे रिश्ते से Maintenance नहीं मांग सकती. Court Judgment में स्पष्ट किया गया कि Hindu Marriage Act के अनुसार पहली शादी खत्म हुए बिना दूसरी शादी अमान्य होती है.
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ndtv.in
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अब दो नहीं, एक जमानतदार पर भी हो सकेगी रिहाई... इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
- Friday August 15, 2025
- Reported by: पंकज झा, Edited by: अभिषेक पारीक
इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब यह तय हो गया है कि दो के बदले एक जमानतदार से भी रिहाई होगी. दो जमानतदारों की व्यवस्था नहीं कर पाने पर कई वर्षों से जेल में बंद रहने के कई मामलों का संज्ञान लेकर अदालत ने यह फैसला दिया है.
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खर्च नहीं उठा सकते तो शादी न करें... इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मेंटेनेंस केस के फैसले में जाने क्या-क्या कहा
- Tuesday April 21, 2026
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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि शादी के बाद पति को परिवार का खर्च उठाना कानूनी जिम्मेदारी है, आर्थिक स्थिति खराब होने पर भी इसमें छूट नहीं मिलती.
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शादीशुदा व्यक्ति तलाक लिए बिना लिव-इन रिलेशनशिप में नहीं रह सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
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कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता पहले से ही विवाहित है और उनके जीवनसाथी जीवित है तो उन्हें अपने पहले जीवनसाथी से तलाक लिए बिना किसी तीसरे व्यक्ति के साथ 'लिव-इन रिलेशनशिप' में रहने की कानूनी अनुमति नहीं दी जा सकती.
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पहली शादी वैलिड रहने तक अपने पार्टनर से गुज़ारा भत्ता नहीं मांग सकती महिला...इलाहाबाद हाईकोर्ट
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- Written by: Deepak Gambhir, Edited by: धीरज आव्हाड़
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए कहा कि पहली शादी वैध होने पर महिला CRPC 125 के तहत दूसरी शादी या लिव‑इन जैसे रिश्ते से Maintenance नहीं मांग सकती. Court Judgment में स्पष्ट किया गया कि Hindu Marriage Act के अनुसार पहली शादी खत्म हुए बिना दूसरी शादी अमान्य होती है.
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अब दो नहीं, एक जमानतदार पर भी हो सकेगी रिहाई... इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
- Friday August 15, 2025
- Reported by: पंकज झा, Edited by: अभिषेक पारीक
इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब यह तय हो गया है कि दो के बदले एक जमानतदार से भी रिहाई होगी. दो जमानतदारों की व्यवस्था नहीं कर पाने पर कई वर्षों से जेल में बंद रहने के कई मामलों का संज्ञान लेकर अदालत ने यह फैसला दिया है.
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