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आपका CCTV कैमरा सुरक्षित है या नहीं? सरकार का बड़ा फैसला, 1अप्रैल से बंद होंगे करोड़ों चीनी कैमरे

कंपनियों को इन नियमों का पालन करने के लिए दो साल का समय दिया गया था. अब तक 500 से ज्यादा CCTV मॉडल्स को इस नए सिस्टम के तहत सर्टिफिकेशन मिल चुका है.

आपका CCTV कैमरा सुरक्षित है या नहीं? सरकार का बड़ा फैसला, 1अप्रैल से बंद होंगे करोड़ों चीनी कैमरे

भारत सरकार 1 अप्रैल से CCTV कैमरों को लेकर एक बड़ा फैसला लेने जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, अब चीन की बड़ी कंपनियों जैसे Hikvision, Dahua और TP-Link के इंटरनेट से जुड़े CCTV कैमरों की बिक्री भारत में रोकी जा सकती है. इसका कारण है नए STQC (Standardisation Testing and Quality Certification) नियम, जो अगले महीने से लागू हो रहे हैं. इन नियमों के तहत अब किसी भी CCTV डिवाइस को भारत में बेचने से पहले सरकार की मंजूरी लेना जरूरी होगा.

अगर किसी प्रोडक्ट को यह सर्टिफिकेशन नहीं मिलता, तो वह भारत में नहीं बेचा जा सकेगा.

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क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार का यह कदम देश में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है. आजकल CCTV कैमरे इंटरनेट से जुड़े होते हैं, जिससे डेटा लीक या हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इन चीनी कंपनियों और उनके चिपसेट वाले प्रोडक्ट्स को सर्टिफिकेशन देने से मना कर रही है. इसका मतलब यह है कि बिना STQC अप्रूवल के ये डिवाइस भारतीय बाजार में नहीं आ पाएंगे.

इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में इस्तेमाल होने वाले सभी स्मार्ट डिवाइस सुरक्षित हों और उनमें कोई सुरक्षा खामी न हो.

बता दें, कुछ समय पहले तक भारत में CCTV मार्केट का लगभग एक-तिहाई हिस्सा इन्हीं ब्रांड्स के पास था. लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं. जैसे-जैसे सरकार सख्त नियम लागू कर रही है, वैसे-वैसे भारतीय कंपनियां इस मौके का फायदा उठाकर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं. CP Plus, Qubo, Prama, Matrix और Sparsh जैसे ब्रांड्स ने अपने प्रोडक्ट्स को नए नियमों के अनुसार अपडेट किया है.

इन कंपनियों ने अपने सप्लाई सिस्टम में बदलाव करते हुए अब चीनी पार्ट्स की जगह ताइवान जैसे देशों के चिप्स का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. साथ ही, उन्होंने अपने सॉफ्टवेयर को भी लोकलाइज किया है.

क्या है नए नियम?

इन नियमों के अनुसार, कंपनियों को अपने प्रोडक्ट में इस्तेमाल होने वाले मुख्य पार्ट्स, जैसे चिपसेट (SoC), का देश बताना जरूरी होगा. इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित करना होगा कि डिवाइस में कोई ऐसी कमजोरी न हो, जिससे कोई अनजान व्यक्ति दूर से उसे एक्सेस कर सके.

कंपनियों को इन नियमों का पालन करने के लिए दो साल का समय दिया गया था. अब तक 500 से ज्यादा CCTV मॉडल्स को इस नए सिस्टम के तहत सर्टिफिकेशन मिल चुका है.

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