टेनिस का पांच हफ्ते लंबा संकट तब समाप्त हो गया जब सभी 11 बागी खिलाड़ियों ने इंडोनेशिया के खिलाफ डेविस कप मुकाबले के लिए खुद को उपलब्ध रखा। इससे पहले शुक्रवार को अखिल भारतीय टेनिस महासंघ (एआईटीए) ने डेविस कप में खेलने के हालात के संदर्भ में सभी आश्वासन खिल
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नई दिल्ली:
टेनिस का पांच हफ्ते लंबा संकट तब समाप्त हो गया जब सभी 11 बागी खिलाड़ियों ने इंडोनेशिया के खिलाफ डेविस कप मुकाबले के लिए खुद को उपलब्ध रखा। इससे पहले शुक्रवार को अखिल भारतीय टेनिस महासंघ (एआईटीए) ने डेविस कप में खेलने के हालात के संदर्भ में सभी आश्वासन खिलाड़ियों को लिखित में दिए थे।
एआईटीए सूत्र ने कहा, ‘हां, खिलाड़ियों ने एआईटीए को पत्र लिखा है और खुद को इंडोनेशिया के खिलाफ अप्रैल में होने वाले मुकाबले के लिए उपलब्ध रखा है।’
सोमदेव देववर्मन की अगुआई में खिलाड़ियों ने चेन्नई ओपन ने पहले राष्ट्रीय महासंघ के समक्ष मांगों की सूची रखी थी।
एआईटीए ने इनमें से अधिकांश मांगे मान ली थी लेकिन खिलाड़ियों ने कोरिया के खिलाफ डेविस कप मुकाबले में खेलने से इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें लिखित में आश्वासन नहीं मिला था।
शुक्रवार को एआईटीए ने लिखित आश्वासन दिए और खिलाड़ियों ने उम्मीद के मुताबिक बगावत समाप्त कर दी।
एआईटीए डेविस कप इनामी राशि में खिलाड़ियों का हिस्सा बढ़ाने, सहायक स्टाफ में बदलाव और आयोजन स्थल तथा सतह की पसंद में उनके साथ सलाह को तैयार हो गया है।
एआईटीए सूत्र ने कहा, ‘हां, खिलाड़ियों ने एआईटीए को पत्र लिखा है और खुद को इंडोनेशिया के खिलाफ अप्रैल में होने वाले मुकाबले के लिए उपलब्ध रखा है।’
सोमदेव देववर्मन की अगुआई में खिलाड़ियों ने चेन्नई ओपन ने पहले राष्ट्रीय महासंघ के समक्ष मांगों की सूची रखी थी।
एआईटीए ने इनमें से अधिकांश मांगे मान ली थी लेकिन खिलाड़ियों ने कोरिया के खिलाफ डेविस कप मुकाबले में खेलने से इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें लिखित में आश्वासन नहीं मिला था।
शुक्रवार को एआईटीए ने लिखित आश्वासन दिए और खिलाड़ियों ने उम्मीद के मुताबिक बगावत समाप्त कर दी।
एआईटीए डेविस कप इनामी राशि में खिलाड़ियों का हिस्सा बढ़ाने, सहायक स्टाफ में बदलाव और आयोजन स्थल तथा सतह की पसंद में उनके साथ सलाह को तैयार हो गया है।