रियो डि जनेरियो:
डकैती, दर्शकों की हिंसा, आतंकी हमला जैसी कई संभावित समस्याएं हैं, जिन्होंने 2016 ओलिंपिक खेलों से एक साल पूर्व ओलिंपिक सुरक्षा प्रमुखों की नींद उड़ा रखी है।
खेलों में 10000 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और इसके अलावा लाखों दर्शकों को भी सुरक्षा मुहैया करानी है। ऐसे में रियो के अधिकारियों ने कहा है कि वे कोई जोखिम नहीं उठाते हुए 85000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर रहे हैं जो 2012 लंदन खेलों के 40000 सुरक्षाकर्मियों की तुलना में दोगुने से भी अधिक हैं।
ब्राजील हिंसा के लिए बदनाम है और यहां हर साल करीब 52000 हत्याएं होती हैं जिसमें रियो में ही प्रति दिन औसत तीन से अधिक हत्याएं होती हैं। ब्राजील ने हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया है जिनमें 2012 में यूएन रियो पर्यावरण सम्मेलन भी शामिल है। इसमें 191 देशों ने शिरकत की थी। इसके अलावा पोप फ्रांसिस का दौरा, कंफेडरेशन कप और 2014 विश्व कप का आयोजन भी शामिल है।
रियो के जनसुरक्षा प्रमुख आंद्रेई पासोस रोड्रिगेज ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘किसी भी अन्य देश ने इतने कम समय में इतने कार्यक्रमों की मेजबानी नहीं की। और इसने हमें बड़ा अनुभव दिया है, जिसका इस्तेमाल हम खेलों के दौरान कर सकते हैं।’
सुरक्षा के लिहाज से अधिकारी कई चीजों पर ध्यान दे रहे हैं। रियो में अपराध में कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद अब भी काफी अपराध होते हैं। इस साल की पहली छमाही में ही औसत 3 . 4 हत्याएं रोज हुई हैं। रियो में हिंसा अधिकतर स्थानीय स्तर पर सुर्खियां बनती हैं, जिससे भय का माहौल है।
वित्तीय केंद्र के पूरे इलाके को रात में निकलने के लिए खतरनाक माना जाता है। अधिकांश निवासी मौजूदा हालात में ओलिंपिक सेलिंग स्पर्धाओं के लिए टैक्सी के अलावा मरीना जाने से इनकार कर देंगे, क्योंकि उसके करीब का पार्क लूटपाट के लिए बदनाम है। इसके अलावा ओलिंपिक को आतंकी समूहों के संभावित निशाने के तौर पर भी देखा जा रहा है।
ओलिंपिक इतिहास पर अब भी 1972 में म्यूनिख में फलस्तीनी आतंकियों द्वारा इस्राइली खिलाड़ी की हत्या की घटना का साया है, लेकिन आज संभावित खतरे काफी बढ़ गए हैं, जिसमें ड्रोन का खतरा भी शामिल है।
खेलों में 10000 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और इसके अलावा लाखों दर्शकों को भी सुरक्षा मुहैया करानी है। ऐसे में रियो के अधिकारियों ने कहा है कि वे कोई जोखिम नहीं उठाते हुए 85000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर रहे हैं जो 2012 लंदन खेलों के 40000 सुरक्षाकर्मियों की तुलना में दोगुने से भी अधिक हैं।
ब्राजील हिंसा के लिए बदनाम है और यहां हर साल करीब 52000 हत्याएं होती हैं जिसमें रियो में ही प्रति दिन औसत तीन से अधिक हत्याएं होती हैं। ब्राजील ने हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया है जिनमें 2012 में यूएन रियो पर्यावरण सम्मेलन भी शामिल है। इसमें 191 देशों ने शिरकत की थी। इसके अलावा पोप फ्रांसिस का दौरा, कंफेडरेशन कप और 2014 विश्व कप का आयोजन भी शामिल है।
रियो के जनसुरक्षा प्रमुख आंद्रेई पासोस रोड्रिगेज ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘किसी भी अन्य देश ने इतने कम समय में इतने कार्यक्रमों की मेजबानी नहीं की। और इसने हमें बड़ा अनुभव दिया है, जिसका इस्तेमाल हम खेलों के दौरान कर सकते हैं।’
सुरक्षा के लिहाज से अधिकारी कई चीजों पर ध्यान दे रहे हैं। रियो में अपराध में कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद अब भी काफी अपराध होते हैं। इस साल की पहली छमाही में ही औसत 3 . 4 हत्याएं रोज हुई हैं। रियो में हिंसा अधिकतर स्थानीय स्तर पर सुर्खियां बनती हैं, जिससे भय का माहौल है।
वित्तीय केंद्र के पूरे इलाके को रात में निकलने के लिए खतरनाक माना जाता है। अधिकांश निवासी मौजूदा हालात में ओलिंपिक सेलिंग स्पर्धाओं के लिए टैक्सी के अलावा मरीना जाने से इनकार कर देंगे, क्योंकि उसके करीब का पार्क लूटपाट के लिए बदनाम है। इसके अलावा ओलिंपिक को आतंकी समूहों के संभावित निशाने के तौर पर भी देखा जा रहा है।
ओलिंपिक इतिहास पर अब भी 1972 में म्यूनिख में फलस्तीनी आतंकियों द्वारा इस्राइली खिलाड़ी की हत्या की घटना का साया है, लेकिन आज संभावित खतरे काफी बढ़ गए हैं, जिसमें ड्रोन का खतरा भी शामिल है।
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