ओलिंपिक खेलों में भाग लेने वाली भारत की पहली महिला पहलवान गीता फोगट ने कहा कि अगर कुश्ती को 2020 के ओलिंपिक खेलों से हटाए जाने का फैसला बरकरार रखा जाता है, तो भारत को ओलिंपिक के बहिष्कार करने की घोषणा कर देनी चाहिए।
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नई दिल्ली:
ओलिंपिक खेलों में भाग लेने वाली भारत की पहली महिला पहलवान गीता फोगट ने कहा कि सरकार को 2020 में ओलिंपिक खेलों में कुश्ती को शामिल करवाने के लिए गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर कुश्ती को ओलिंपिक खेलों से हटाए जाने का फैसला बरकरार रखा जाता है, तो भारत को ओलिंपिक के बहिष्कार करने की घोषणा कर देनी चाहिए।
दिल्ली में अप्रैल में होने वाली एशियाई कुश्ती और मंगोलिया में मार्च में होने वाली विश्वकप कुश्ती चैंपियनशिप के लिए पटियाला के एनआईएस में तैयारियों में जुटी गीता ने कहा, यह खबर भारत के कुश्ती जगत के लिए बहुत ही दुखद है और खासकर महिला पहलवानों के लिए तो यह उनके सपनों पर पारी फिरने जैसा ही है, क्योंकि 2004 एथेंस ओलिंपिक से ही महिला पहलवानी को शामिल किया गया था और मुझे 2012 लंदन खेलों के लिए क्वालीफाई होने से ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली पहलवान बनने का मौका मिला था।
भारत ने लंदन ओलिंपिक में जीते छह में से दो पदक कुश्ती (सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त) से हासिल किए थे। राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता ने कहा, ओलिंपिक खेल होने की वजह से ही युवा महिला पहलवानों ने ज्यादा रुचि लेनी शुरू कर दी और अभी तो यह खेल आगे आना ही शुरू हुआ है, इसलिए सरकार को गंभीरता से कुछ कदम उठाने चाहिए। लेकिन अगर कुश्ती को ओलिंपिक से हटाए जाने का फैसला बरकरार रखा जाता है, तो भारत को ओलिंपिक का बहिष्कार करने की घोषण कर देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर कुश्ती को ओलिंपिक खेलों से हटाए जाने का फैसला बरकरार रखा जाता है, तो भारत को ओलिंपिक के बहिष्कार करने की घोषणा कर देनी चाहिए।
दिल्ली में अप्रैल में होने वाली एशियाई कुश्ती और मंगोलिया में मार्च में होने वाली विश्वकप कुश्ती चैंपियनशिप के लिए पटियाला के एनआईएस में तैयारियों में जुटी गीता ने कहा, यह खबर भारत के कुश्ती जगत के लिए बहुत ही दुखद है और खासकर महिला पहलवानों के लिए तो यह उनके सपनों पर पारी फिरने जैसा ही है, क्योंकि 2004 एथेंस ओलिंपिक से ही महिला पहलवानी को शामिल किया गया था और मुझे 2012 लंदन खेलों के लिए क्वालीफाई होने से ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली पहलवान बनने का मौका मिला था।
भारत ने लंदन ओलिंपिक में जीते छह में से दो पदक कुश्ती (सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त) से हासिल किए थे। राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता ने कहा, ओलिंपिक खेल होने की वजह से ही युवा महिला पहलवानों ने ज्यादा रुचि लेनी शुरू कर दी और अभी तो यह खेल आगे आना ही शुरू हुआ है, इसलिए सरकार को गंभीरता से कुछ कदम उठाने चाहिए। लेकिन अगर कुश्ती को ओलिंपिक से हटाए जाने का फैसला बरकरार रखा जाता है, तो भारत को ओलिंपिक का बहिष्कार करने की घोषण कर देनी चाहिए।
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