फाइल फोटो
नई दिल्ली:
भारत के हॉकी खिलाड़ी गुरबाज सिंह को नौ महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। गुरबाज पर टीम में गुटबाजी करने का आरोप लगा था। इस बैन की वजह से अनुभवी मिडफील्डर गुरबाज को रियो ओलिंपिक में खेलने का मौका नहीं मिल सकेगा।
हरबिंदर सिंह की अगुवाई वाली हॉकी इंडिया की अनुशासन समिति की बैठक के बाद गुरबाज पर बैन लगाया गया है। बैठक में बेल्जियम के एंटवर्प में टीम के साथ रहे ज्यूड फेलिक्स, पूर्व खिलाड़ी आरपी सिंह, एबी सुबैया और जसजीत हांडा के साथ गुरबाज भी मौजूद थे। फेलिक्स ने ही गुरबाज पर वर्ल्ड हॉकी लीग सेमी फाइनल के दौरान गुटबाजी का आरोप लगाया था। गुरबाज के पास एक महीने के भीतर अपील करने का वक्त है।
हरविंदर ने कहा कि गुरबाज की गलत हरकतों को कई बार नज़रअंदाज़ किया गया लेकिन अब उन्हें सबक सिखाने के लिए यह फैसला लिया गया है। हरविंदर ने कहा, 'हमने गुरबाज को नौ महीने के लिए निलंबित कर दिया है। इसका मतलब है कि वे अगले वर्ष नौ मई तक भारत के लिए नहीं खेल सकते हैं'।
गुरबाज पहले भी कई बार गलत वजहों से सुर्खियों में रहे हैं। माइकल नॉब्स के कोच रहते हुए भी उन पर इसी तरीके का आरोप लग चुका है। लंदन ओलिंपिक के दौरान भी उन्हें कोच ने कुछ मैचों से बाहर रखा था।
भारत के प्रतिभावान मिडफील्डर गुरबाज ने कहा कि उनका निलंबन का फैसला काफी कड़ा है और वे इसके बाद भी अपना सारा ध्यान खेल पर लगाएंगे। इसी के साथ उन्होंने सजा के खिलाफ अपील करने की भी बात कही। गुरबाज ने भरोसा जताया कि उन पर लगा बैन रियो ओलिंपिक से पहले हट जाएगा।
हरबिंदर सिंह की अगुवाई वाली हॉकी इंडिया की अनुशासन समिति की बैठक के बाद गुरबाज पर बैन लगाया गया है। बैठक में बेल्जियम के एंटवर्प में टीम के साथ रहे ज्यूड फेलिक्स, पूर्व खिलाड़ी आरपी सिंह, एबी सुबैया और जसजीत हांडा के साथ गुरबाज भी मौजूद थे। फेलिक्स ने ही गुरबाज पर वर्ल्ड हॉकी लीग सेमी फाइनल के दौरान गुटबाजी का आरोप लगाया था। गुरबाज के पास एक महीने के भीतर अपील करने का वक्त है।
हरविंदर ने कहा कि गुरबाज की गलत हरकतों को कई बार नज़रअंदाज़ किया गया लेकिन अब उन्हें सबक सिखाने के लिए यह फैसला लिया गया है। हरविंदर ने कहा, 'हमने गुरबाज को नौ महीने के लिए निलंबित कर दिया है। इसका मतलब है कि वे अगले वर्ष नौ मई तक भारत के लिए नहीं खेल सकते हैं'।
गुरबाज पहले भी कई बार गलत वजहों से सुर्खियों में रहे हैं। माइकल नॉब्स के कोच रहते हुए भी उन पर इसी तरीके का आरोप लग चुका है। लंदन ओलिंपिक के दौरान भी उन्हें कोच ने कुछ मैचों से बाहर रखा था।
भारत के प्रतिभावान मिडफील्डर गुरबाज ने कहा कि उनका निलंबन का फैसला काफी कड़ा है और वे इसके बाद भी अपना सारा ध्यान खेल पर लगाएंगे। इसी के साथ उन्होंने सजा के खिलाफ अपील करने की भी बात कही। गुरबाज ने भरोसा जताया कि उन पर लगा बैन रियो ओलिंपिक से पहले हट जाएगा।
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