न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी निक विल्सन और मंदीप सिंह के दो-दो शानदार गोलों की मदद से रांची राइनोज ने शनिवार को एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम में खेले गए पहले सेमीफाइनल में उत्तर प्रदेश विजार्ड्स को 4-2 से हराकर हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के फाइनल में जगह बना ल
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
रांची:
न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी निक विल्सन और मंदीप सिंह के दो-दो शानदार गोलों की मदद से रांची राइनोज ने शनिवार को एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम में खेले गए पहले सेमीफाइनल में उत्तर प्रदेश विजार्ड्स को 4-2 से हराकर हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के फाइनल में जगह बना ली है।
फाइनल में राइनोज का सामना दिल्ली वेवराइर्ड्स और जेपी पंजाब वॉरियर्स के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। यह मैच शनिवार रात आठ बजे से इसी मैदान पर खेला जाएगा।
विजार्ड्स के लिए नितिन थिमैय्या ने 15वें और 54वें मिनट में गोल किया जबकि राइनोज के लिए मंदीप सिंह ने चौथे तथा 65वें और निक विल्सन ने 30वें तथा 63वें मिनट में गोल दागे।
मंदीप ने बड़ी चालाकी से मैच का खाता खोला। इस खिलाड़ी ने गोली की तरफ बढ़ाई गई एक गेंद को उस तक पहुंचने से पहले ही अपने कब्जे में कर लिया। गोली की सुस्ती के कारण विजार्ड्स को काफी नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि मंदीप ने बिना कोई गलती किए अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया।
विजार्ड्स ने हालांकि 11 मिनट के बाद ही इसका जवाब दिया। हॉलैंड के दिग्गज और टूर्नामेंट के सबसे अनुभवी खिलाड़ी तेउन दे नुइजर ने थिमैय्या के लिए एक आसान मौका तैयार किया, जिस पर गोल करके थिमैय्या ने स्थानीय दर्शकों को हतप्रभ कर दिया। स्टेडियम में चारों ओर सन्नाटा पसर गया।
राइनोज ने अपने घरेलू दर्शकों की निराशा को भांपते हुए हमला तेज कर दिया। इसका फायदा उसे 30वें मिनट में मिला। राइनोज के खिलाड़ियों ने सम्मिलित प्रयास के दम पर एक गोल किया लेकिन विजार्ड्स ने इस पर रेफरल की मांग की।
अम्पायर आरवी रघु प्रसाद के इस फैसले पर अंगुली उठी लेकिन तीसरे अम्पायर ने रघुनाथ के फैसले को सही ठहराया और राइनोज को एक गोल से आगे कर दिया। राइनोज के लिए यह गोल निक विल्सन ने किया।
विजार्ड्स के खिलाड़ी इस फैसले से निराश और हैरान जरूर थे लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी थी। चौथे क्वार्टर का खेल शुरू होने के साथ ही थिमैय्या ने एक बार फिर कमाल किया और एक करीबी रीबाउंड के साथ अपनी टीम को 2-2 की बराबरी पर ला दिया।
स्टेडियम में एक बार फिर सन्नाटा पसर गया। जो दर्शक समझ रहे थे कि खेल खत्म होने से 16 मिनट पहले हुए इस गोल की मदद से अब विजार्ड्स आगे की लड़ाई जीत सकते हैं वे काफी निराश थे लेकिन राइनोज ने उनकी सोच को उलटा साबित करते हुए 63वें मिनट में एक शानदार गोल के जरिए फिर से बढ़त कायम कर ली।
यह गोल विल्सन ने अकेले दम पर किया। मिडफील्ड से अकेले गेंद लेकर डी-एरिया तक पहुंचे विल्सन ने एक बेहतरीन ग्राउंडर के जरिए गोल को अंजाम दिया। स्टेडियम एक बार फिर नारों से गूंज उठा। मेजबान टीम के समर्थक एक बार फिर खुशी से गलबहियां करते नजर आने लगे।
अपने प्रशंसकों की खुशी और हौसलाअफजाई के बीच राइनोज ने 65वें मिनट में एक और जोरदार हमला किया। मंदीप को एक लम्बा स्कूप मिला, जिसे रोककर वे डी-एरिया में पहुंच गए।
इसके बाद उन्होंने गोली के सिर के ऊपर से गेंद को स्कूप करके अपनी टीम को 4-2 से आगे कर दिया। इसके बाद मंदीप वहीं लेटकर अपनी सफलता का जश्न मनाने लगे। यह मंदीप का 10वां गोल है। दर्शकों की खुशी देखने लायक थी।
फाइनल में राइनोज का सामना दिल्ली वेवराइर्ड्स और जेपी पंजाब वॉरियर्स के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। यह मैच शनिवार रात आठ बजे से इसी मैदान पर खेला जाएगा।
विजार्ड्स के लिए नितिन थिमैय्या ने 15वें और 54वें मिनट में गोल किया जबकि राइनोज के लिए मंदीप सिंह ने चौथे तथा 65वें और निक विल्सन ने 30वें तथा 63वें मिनट में गोल दागे।
मंदीप ने बड़ी चालाकी से मैच का खाता खोला। इस खिलाड़ी ने गोली की तरफ बढ़ाई गई एक गेंद को उस तक पहुंचने से पहले ही अपने कब्जे में कर लिया। गोली की सुस्ती के कारण विजार्ड्स को काफी नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि मंदीप ने बिना कोई गलती किए अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया।
विजार्ड्स ने हालांकि 11 मिनट के बाद ही इसका जवाब दिया। हॉलैंड के दिग्गज और टूर्नामेंट के सबसे अनुभवी खिलाड़ी तेउन दे नुइजर ने थिमैय्या के लिए एक आसान मौका तैयार किया, जिस पर गोल करके थिमैय्या ने स्थानीय दर्शकों को हतप्रभ कर दिया। स्टेडियम में चारों ओर सन्नाटा पसर गया।
राइनोज ने अपने घरेलू दर्शकों की निराशा को भांपते हुए हमला तेज कर दिया। इसका फायदा उसे 30वें मिनट में मिला। राइनोज के खिलाड़ियों ने सम्मिलित प्रयास के दम पर एक गोल किया लेकिन विजार्ड्स ने इस पर रेफरल की मांग की।
अम्पायर आरवी रघु प्रसाद के इस फैसले पर अंगुली उठी लेकिन तीसरे अम्पायर ने रघुनाथ के फैसले को सही ठहराया और राइनोज को एक गोल से आगे कर दिया। राइनोज के लिए यह गोल निक विल्सन ने किया।
विजार्ड्स के खिलाड़ी इस फैसले से निराश और हैरान जरूर थे लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी थी। चौथे क्वार्टर का खेल शुरू होने के साथ ही थिमैय्या ने एक बार फिर कमाल किया और एक करीबी रीबाउंड के साथ अपनी टीम को 2-2 की बराबरी पर ला दिया।
स्टेडियम में एक बार फिर सन्नाटा पसर गया। जो दर्शक समझ रहे थे कि खेल खत्म होने से 16 मिनट पहले हुए इस गोल की मदद से अब विजार्ड्स आगे की लड़ाई जीत सकते हैं वे काफी निराश थे लेकिन राइनोज ने उनकी सोच को उलटा साबित करते हुए 63वें मिनट में एक शानदार गोल के जरिए फिर से बढ़त कायम कर ली।
यह गोल विल्सन ने अकेले दम पर किया। मिडफील्ड से अकेले गेंद लेकर डी-एरिया तक पहुंचे विल्सन ने एक बेहतरीन ग्राउंडर के जरिए गोल को अंजाम दिया। स्टेडियम एक बार फिर नारों से गूंज उठा। मेजबान टीम के समर्थक एक बार फिर खुशी से गलबहियां करते नजर आने लगे।
अपने प्रशंसकों की खुशी और हौसलाअफजाई के बीच राइनोज ने 65वें मिनट में एक और जोरदार हमला किया। मंदीप को एक लम्बा स्कूप मिला, जिसे रोककर वे डी-एरिया में पहुंच गए।
इसके बाद उन्होंने गोली के सिर के ऊपर से गेंद को स्कूप करके अपनी टीम को 4-2 से आगे कर दिया। इसके बाद मंदीप वहीं लेटकर अपनी सफलता का जश्न मनाने लगे। यह मंदीप का 10वां गोल है। दर्शकों की खुशी देखने लायक थी।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं