महिला पहलवान गीता ने रविवार को उस समय इतिहास रच दिया जब उन्होंने लंदन ओलिंपिक का टिकट पक्का कर लिया।
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अस्ताना:
महिला पहलवान गीता ने रविवार को उस समय इतिहास रच दिया जब उन्होंने लंदन ओलिंपिक का टिकट पक्का कर लिया।
ओलिंपिक के लिए क्वोलीफाई करने वाली वह देश की पहली महिला पहलवान बन गई हैं।
एशियन क्वोलीफाइंग टूर्नामेंट के फाइनल में गीता ने 55 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर यह मुकाम हासिल किया।
फाइनल मुकाबले में उन्होंने दक्षिण कोरिया की पहलवान जी यून को पराजित किया।
भारतीय कुश्ती संघ की ओर से जारी बयान के मुताबिक 63 किलोग्राम वर्ग में भारत की महिला पहलवान अनिता को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। वह लंदन ओलिंपिक के लिए क्वोलीफाई नहीं कर सकीं।
ज्ञात हो कि राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर गीता ने इतिहास रचा था। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्णपदक जीतने वाली वह देश की पहली महिला पहलवान हैं।
ओलिंपिक के लिए क्वोलीफाई करने वाली वह देश की पहली महिला पहलवान बन गई हैं।
एशियन क्वोलीफाइंग टूर्नामेंट के फाइनल में गीता ने 55 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर यह मुकाम हासिल किया।
फाइनल मुकाबले में उन्होंने दक्षिण कोरिया की पहलवान जी यून को पराजित किया।
भारतीय कुश्ती संघ की ओर से जारी बयान के मुताबिक 63 किलोग्राम वर्ग में भारत की महिला पहलवान अनिता को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। वह लंदन ओलिंपिक के लिए क्वोलीफाई नहीं कर सकीं।
ज्ञात हो कि राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर गीता ने इतिहास रचा था। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्णपदक जीतने वाली वह देश की पहली महिला पहलवान हैं।