धोनी ने कहा कि भारत-पाक मैचों को लेकर काफी मीडिया प्रचार होता है और खिलाड़ियों के लिए जरूरी है कि वे इससे अपना ध्यान भंग नहीं होने दें।
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मोहाली:
भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को अपने टीम के साथियों से अनुरोध किया कि वे पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले महामुकाबले को लेकर मीडिया के जबर्दस्त प्रचार से प्रभावित नहीं हों और अपना पूरा ध्यान मैच पर लगाएं। धोनी का कहना है कि टीम इंडिया के सभी सदस्य बुधवार को होने वाले क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले के लिए पूरी तरह से फिट हैं। भारतीय कप्तान ने कहा कि भारत-पाक क्रिकेट मैचों को लेकर हमेशा ही काफी मीडिया प्रचार होता है और खिलाड़ियों के लिए यह जरूरी है कि वे इस प्रचार से प्रभावित हुए बगैर मैच से अपना ध्यान भंग नहीं होने दें। धोनी ने मैच से पूर्व मंगलवार को कहा, हम जानते हैं कि भारत-पाकिस्तान मैचों का किस तरह का प्रचार होता है। हम इसमें शामिल होने नहीं जा रहे हैं। हम यह जानने की जरूरत है कि हमें क्या करने की उम्मीद है और उसी पर ध्यान देना है। उन्होंने कहा, यह सब क्रिकेट का हिस्सा है और हमें इसे स्वीकार करना होगा। लेकिन इसमें शामिल नहीं होना जरूरी है। मैच देखने के लिए हमारे पास सबसे बड़े विशिष्ट मेहमान (प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाक प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी) होंगे, हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। यह पूछे जाने पर कि अपनी सरजमीं पर खेल रही भारतीय टीम क्या अत्यधिक प्रचार से प्रभावित होगी तो धोनी ने कहा, इससे हम पर असर नहीं पड़ने वाला है। हम सब जानते हैं कि यह बड़ा टूर्नामेंट है और हमने इसके लिए बहुत तैयारी की है। हमारी तैयारियां उसी तरह की हैं, जिस तरह हमने पिछले कुछ दिनों में की हैं। धोनी अपनी बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं और उन्होंने कहा कि वह गेंद को अच्छी तरह से खेल रहे हैं और उन्हें बड़ी पारी खेलने के अवसर नहीं मिल पाए हैं। धोनी से जब खास तौर पर पूछा गया कि क्या कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी को प्रभावित कर रहा है, तो उन्होंने कहा, यह केवल क्रिकेट का नजरिया है, इसका फॉर्म से कोई मतलब नहीं है। मैंने काफी अच्छी बल्लेबाजी की है। कई बार ऐसी स्थितियां नहीं होतीं, जब आप धुआंधार क्रिकेट खेल सकें। बांग्लादेश के खिलाफ मैच में इस तरह की स्थिति थी, लेकिन मुझे बल्लेबाजी करने को नहीं मिली। उन्होंने कहा, अगर आप पांचवें, छठे या सातवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं, तो अगर शीर्ष क्रम बड़ा स्कोर बनाता है, ऐसे में आपको बहुत ज्यादा बल्लेबाजी करने को नहीं मिलती। मुझे लगता है कि (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) पिछला मैच आदर्श था, लेकिन गेंद सीधे क्षेत्ररक्षक के हाथ में चली गई। सब कुछ हमेशा आपके हिसाब से नहीं होता। फॉर्म चिंता का विषय नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या टीम के सभी खिलाड़ी फिट हैं, धोनी ने कहा, अभी सभी खिलाड़ी फिट नजर आ रहे हैं। आशा है कि वे फिट रहेंगे। धोनी से जब पूछा गया कि क्या यह मैच बतौर कप्तान उनका सबसे बड़ा मुकाबला है, तो उन्होंने कहा कि वह तुलना करने में विश्वास नहीं करते। भारतीय कप्तान ने कहा, क्रिकेटर के जीवन में कई मौके आते हैं, इसमें कोई शक नहीं है कि यह महत्वपूर्ण है। कुछ साल के बाद आप इसे भूल जाते हैं। मैं भूल चुका हूं कि वर्ष 2007 में (ट्वेंटी-20 विश्व कप) सेमीफाइनल और फाइनल से पहले हम कैसा महसूस कर रहे थे। तीन साल बीत चुके हैं, हर मैच अलग है। उन्होंने कहा, यह 50 ओवर का मैच है, आपको इसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है। आपको मैच जीतने के लिए 100 ओवर तक जज्बा बरकरार रखना होता है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस मुकाबले से एकाग्रता पर असर पड़ेगा, लेकिन मैं सोचता हूं कि हम कैसे राजनीतिक बदलाव लाने में मदद कर सकते हैं। मुझे टीम का नेतृत्व करने का जिम्मा सौंपा गया है और मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता से इसका निर्वाह करूंगा। धोनी ने कहा कि मैच में आखिरकार एक टीम को तो हारना पड़ेगा, इसलिए प्रशंसकों को इस मैच का नतीजा सही खेल भावना से लेने की जरूरत है।
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