भारतीय हॉकी टीम ने हाल में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है (फाइल फोटो)
- कोच मारिन बोले, टीम को संयम से खेलना होगा
- पिछली बार कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 में भिड़ी थीं दोनों टीमें
- तब भारतीय टीम ने 7-4 से जीत हासिल की थी
गोल्ड कोस्ट:
चिर प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान, कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुष हॉकी स्पर्धा के ब्लाकबस्टर मुकाबले में कल, जब एक दूसरे के आमने-सामने होंगे तो दर्शकों को बेहतरीन हॉकी की सौगात देखने को मिलेगी. दो बार की रजत पदक विजेता भारतीय टीम के कोच शोर्ड मारिन ने कहा,‘हम जीत के प्रबल दावेदार होंगे.’एशियाई दिग्गजों के इस मुकाबले में तनाव से ज्यादा मारिन को चिंता गोल्ड कोस्ट के तापमान को लेकर है. उन्होंने कहा,‘यहां बहुत गर्मी है और दोपहर 2:30 बजे तो करीब 28 -29 डिग्री तापमान रहेगा. इन हालात में खेलना बहुत मुश्किल है लिहाजा हमें संयम के साथ खेलने की जरूरत है.’उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती गोल नहीं होने से टीम को दबाव लेने की जरूरत नहीं है.
यह भी पढ़ें: एशिया कप हॉकी: पाकिस्तान को हराकर 8वीं बार फ़ाइनल में पहुंचा भारत
मारिन ने कहा,‘यदि ऐसा होता है तो भी कोई बात नहीं. हमें संयम के साथ खेलना होगा. मौके खुद ब खुद बनेंगे.’दोनों टीमों के बीच कॉमनवेल्थ गेम्स में आखिरी मुकाबला 2010 में दिल्ली में हुआ था जो यादगार साबित हुआ. भारत ने उस मैच में सात और पाकिस्तान ने सिर्फ चार गोल दागे थे. पाकिस्तान ने 2006 के मेलबर्न खेलों में भारत को मात दी थी. दोनों टीमें पिछले साल एशिया कप में भिड़ी थी जिसमें भारत विजयी रहा था. इन खेलों में भारत और पाकिस्तान को इंग्लैंड, वेल्स और मलेशिया के साथ ग्रुप मिला है. भारत और इंग्लैंड इस ग्रुप से प्रबल दावेदार हैं और भारत पहले ही मैच में पाकिस्तान को हराकर मनोबल बढ़ाना चाहेगा.
वीडियो: मलेशिया को हराकर भारत बना एशिया कप चैंपियन
दूसरी ओर भारत के पूर्व कोच रहे रोलेंट ओल्टमेंस अब पाकिस्तान के कोच हैं जिन्हें भारतीय हॉकी की समझ होने का फायदा मिल सकता है. भारत के पास रूपिंदर पाल सिंह, हरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और वरुण कुमार के रूप में चार पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ हैं. कप्तान मनप्रीत सिंह मिडफील्ड की जिम्मेदारी संभालेंगे जबकि एसवी सुनील और गुरजंत सिंह पर आक्रमण की जिम्मेदारी रहेगी. गोलकीपिंग का जिम्मा अनुभवी पी आर श्रीजेश पर रहेगा. पाकिस्तान के लिए ओल्टमेंस पिछले महीने कोच बनकर आए हैं जिससे पहले टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. पाकिस्तानी टीम एशिया कप और ऑस्ट्रेलिया में चार देशों के टूर्नामेंट में हार गई. (इनपुट: एजेंसी)
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मारिन ने कहा,‘यदि ऐसा होता है तो भी कोई बात नहीं. हमें संयम के साथ खेलना होगा. मौके खुद ब खुद बनेंगे.’दोनों टीमों के बीच कॉमनवेल्थ गेम्स में आखिरी मुकाबला 2010 में दिल्ली में हुआ था जो यादगार साबित हुआ. भारत ने उस मैच में सात और पाकिस्तान ने सिर्फ चार गोल दागे थे. पाकिस्तान ने 2006 के मेलबर्न खेलों में भारत को मात दी थी. दोनों टीमें पिछले साल एशिया कप में भिड़ी थी जिसमें भारत विजयी रहा था. इन खेलों में भारत और पाकिस्तान को इंग्लैंड, वेल्स और मलेशिया के साथ ग्रुप मिला है. भारत और इंग्लैंड इस ग्रुप से प्रबल दावेदार हैं और भारत पहले ही मैच में पाकिस्तान को हराकर मनोबल बढ़ाना चाहेगा.
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दूसरी ओर भारत के पूर्व कोच रहे रोलेंट ओल्टमेंस अब पाकिस्तान के कोच हैं जिन्हें भारतीय हॉकी की समझ होने का फायदा मिल सकता है. भारत के पास रूपिंदर पाल सिंह, हरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और वरुण कुमार के रूप में चार पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ हैं. कप्तान मनप्रीत सिंह मिडफील्ड की जिम्मेदारी संभालेंगे जबकि एसवी सुनील और गुरजंत सिंह पर आक्रमण की जिम्मेदारी रहेगी. गोलकीपिंग का जिम्मा अनुभवी पी आर श्रीजेश पर रहेगा. पाकिस्तान के लिए ओल्टमेंस पिछले महीने कोच बनकर आए हैं जिससे पहले टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. पाकिस्तानी टीम एशिया कप और ऑस्ट्रेलिया में चार देशों के टूर्नामेंट में हार गई. (इनपुट: एजेंसी)
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