सेना खेल संस्थान में चल रहे राष्ट्रीय शिविर को एक और विवाद ने झकझोर दिया, जब दो रिकर्व तीरंदाजों को आपत्तिजनक हालत में पकड़े जाने के बाद निलंबित कर दिया गया।
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
पुणे:
सेना खेल संस्थान में चल रहे राष्ट्रीय शिविर को एक और विवाद ने झकझोर दिया, जब दो रिकर्व तीरंदाजों को आपत्तिजनक हालत में पकड़े जाने के बाद निलंबित कर दिया गया।
शिविर में शामिल खिलाड़ी के अनुसार 1 जून की दोपहर को हॉस्टल के अंदर एक पुरुष और एक महिला तीरंदाज के आपत्तिजनक हालत में मिलने पर सेना को तुरंत इसकी जानकारी दी गई। सूत्र ने बताया, सेना के नियमों के अनुसार उन्हें तुरंत जाने को कह दिया गया। वे पहले से ही एक-दूसरे के करीब थे, लेकिन शनिवार को उन्होंने हदें पार कर दी। हम सभी उनकी हरकत से शर्मसार हैं।
इस घटना की पुष्टि करते हुए भारतीय तीरंदाजी संघ के सहायक सचिव गुंजन एब्रोल ने कहा, उन्हें इस घटना के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए सात दिन का नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा, दोनों को पत्र दिए गए हैं और इसलिए वे किसी भी स्तर पर किसी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के पात्र नहीं हैं। किसी जांच की जरूरत नहीं है, क्योंकि घटना के चश्मदीद मौजूद हैं।
पूरे तीरंदाजी जगत के लिए इस घटना को शर्मनाक बताते हुए एब्रोल ने कहा, यह तीरंदाजों के लिए काफी बुरा है, क्योंकि पिछले महीने ही महिला तीरंदाज (प्रतिमा बोरो) ने इसी शिविर में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर 20 जून को कार्यकारी परिषद की बैठक में चर्चा होगी, जहां वे शिविर को स्थानांतरित करने पर भी विचार कर सकते हैं।
शिविर में शामिल खिलाड़ी के अनुसार 1 जून की दोपहर को हॉस्टल के अंदर एक पुरुष और एक महिला तीरंदाज के आपत्तिजनक हालत में मिलने पर सेना को तुरंत इसकी जानकारी दी गई। सूत्र ने बताया, सेना के नियमों के अनुसार उन्हें तुरंत जाने को कह दिया गया। वे पहले से ही एक-दूसरे के करीब थे, लेकिन शनिवार को उन्होंने हदें पार कर दी। हम सभी उनकी हरकत से शर्मसार हैं।
इस घटना की पुष्टि करते हुए भारतीय तीरंदाजी संघ के सहायक सचिव गुंजन एब्रोल ने कहा, उन्हें इस घटना के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए सात दिन का नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा, दोनों को पत्र दिए गए हैं और इसलिए वे किसी भी स्तर पर किसी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के पात्र नहीं हैं। किसी जांच की जरूरत नहीं है, क्योंकि घटना के चश्मदीद मौजूद हैं।
पूरे तीरंदाजी जगत के लिए इस घटना को शर्मनाक बताते हुए एब्रोल ने कहा, यह तीरंदाजों के लिए काफी बुरा है, क्योंकि पिछले महीने ही महिला तीरंदाज (प्रतिमा बोरो) ने इसी शिविर में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर 20 जून को कार्यकारी परिषद की बैठक में चर्चा होगी, जहां वे शिविर को स्थानांतरित करने पर भी विचार कर सकते हैं।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं