भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) ने 1975 में एकमात्र हॉकी विश्व कप का खिताब जीतने वाली भारतीय टीम का नेतृत्व करने वाले कैप्टन अजीत पाल सिंह को लंदन ओलिंपिक के लिए भारतीय दल का चीफ डी मिशन नियुक्त किया गया है।
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:
भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) ने 1975 में एकमात्र हॉकी विश्व कप का खिताब जीतने वाली भारतीय टीम का नेतृत्व करने वाले कैप्टन अजीत पाल सिंह को लंदन ओलिंपिक के लिए भारतीय दल का चीफ डी मिशन नियुक्त किया गया है।
आईओए के कार्यवाहक अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने बताया कि सात सदस्यीय समिति हमेशा से चाहती थी कि एक ओलिंपिक खिलाड़ी ही लंदन में भारतीय दल का नेतृत्व करे और तीन बार के ओलिंपिक खिलाड़ी रहे अजीत पाल इसके लिए सबसे उपयुक्त थे। यह पहला मौका है जब एक पूर्व खिलाड़ी को भारतीय दल का नेतृत्व करने का मौका मिला है।
मल्होत्रा ने कहा, "समिति ने महसूस किया कि एक ओलिंपिक खिलाड़ी को ही भारतीय दल का चीफ डी मिशन बनाया जाए। समिति को लगा कि अजीत पाल सिंह सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं। उन्होंने ओलिंपिक में न सिर्फ तीन बार देश का प्रतिनिधित्व किया है बल्कि 1975 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व भी उनके ही हाथों में था।"
अजीत पाल ने बातचीत में कहा, "यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। यह सुखद है कि पूर्व खिलाड़ियों को भारतीय खेलों में शीर्ष पदों पर बिठाया जा रहा है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।" उन्होंने कहा, "यह घोषणा मेरे लिए आश्चर्यचकित करने वाली थी। लेकिन मुझे खुशी हुई कि पहली बार एक ओलिंपिक खिलाड़ी को यह मौका दिया गया है।"
आईओए के कार्यवाहक अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने बताया कि सात सदस्यीय समिति हमेशा से चाहती थी कि एक ओलिंपिक खिलाड़ी ही लंदन में भारतीय दल का नेतृत्व करे और तीन बार के ओलिंपिक खिलाड़ी रहे अजीत पाल इसके लिए सबसे उपयुक्त थे। यह पहला मौका है जब एक पूर्व खिलाड़ी को भारतीय दल का नेतृत्व करने का मौका मिला है।
मल्होत्रा ने कहा, "समिति ने महसूस किया कि एक ओलिंपिक खिलाड़ी को ही भारतीय दल का चीफ डी मिशन बनाया जाए। समिति को लगा कि अजीत पाल सिंह सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं। उन्होंने ओलिंपिक में न सिर्फ तीन बार देश का प्रतिनिधित्व किया है बल्कि 1975 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व भी उनके ही हाथों में था।"
अजीत पाल ने बातचीत में कहा, "यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। यह सुखद है कि पूर्व खिलाड़ियों को भारतीय खेलों में शीर्ष पदों पर बिठाया जा रहा है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।" उन्होंने कहा, "यह घोषणा मेरे लिए आश्चर्यचकित करने वाली थी। लेकिन मुझे खुशी हुई कि पहली बार एक ओलिंपिक खिलाड़ी को यह मौका दिया गया है।"