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This Article is From Oct 20, 2017

मशहूर अभिनेता विजय की फिल्म में जीएसटी के जिक्र पर भड़की भाजपा

केंद्रीय मंत्री पोन राधाकृष्णन ने एक जुलाई को भाजपा नेतृत्व वाली राजग सरकार द्वारा शुरू किये गये ‘माल एवं सेवा कर’ (जीएसटी) के बारे में कथित ‘गलत’ दृश्यों को हटाने की मांग

मशहूर अभिनेता विजय की फिल्म में जीएसटी के जिक्र पर भड़की भाजपा
मशहूर दक्षिण भारतीय अभिनेता विजय (फाइल फोटो)
चेन्नई: हाल में रिलीज हुई मशहूर अभिनेता विजय अभिनीत तमिल फिल्म ‘मेर्सल’ में जीएसटी का जिक्र भाजपा के गले नहीं उतर रहा है और पार्टी ने शुक्रवार को इसपर आपत्ति जताते हुए केंद्रीय कर प्रणाली को लेकर फिल्म में दिखाये गये दृश्य को ‘गलत’ बताया तथा फिल्म से इन दृश्यों को हटाने की मांग की. केंद्रीय मंत्री पोन राधाकृष्णन ने एक जुलाई को भाजपा नेतृत्व वाली राजग सरकार द्वारा शुरू किये गये ‘माल एवं सेवा कर’ (जीएसटी) के बारे में कथित ‘गलत’ दृश्यों को हटाने की मांग की जबकि उनकी पार्टी के सहयोगी एच राजा ने दावा किया कि फिल्म से विजय की ‘मोदी विरोधी नफरत’ उजागर हो गई.

माकपा और सुपरस्टार रजनीकांत अभिनीत ‘कबाली’ के निर्देशक पीए. रंजीत ‘मर्सेल’ से जुड़े कलाकारों के समर्थन में आगे आए और फिल्म के दृश्य हटाने की मांग कर रही भाजपा के तर्क पर सवाल किया. राधाकृष्णन ने नागेरकोइल में संवाददाताओं से कहा, ‘‘निर्माता को फिल्म में जीएसटी से संबद्ध गलत दृश्यों को हटा देना चाहिए.’’

उन्होंने कहा कि सिनेमा के माध्यम से ना तो गलत सूचना प्रसारित की जानी चाहिए और ना ही अभिनेताओं को इस माध्यम का इस्तेमाल कर लोगों को दिग्भ्रमित करना चाहिए तथा ना ही राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करना चाहिए. इस जिक्र पर बरसते हुए भाजपा की प्रांतीय अध्यक्ष तमिलिसाई सौंदर्यराजन ने गुरुवार को आरोप लगाया कि ‘मेर्सल’ में जीएसटी के बारे में गलत जिक्र किया गया... सेलिब्रिटी को लोगों के बीच गलत सूचना प्रसारित करने से बचना चाहिए.

पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एच राजा ने कई ट्वीट कर आरोप लगाया कि जीएसटी का जिक्र विजय के ‘अर्थशास्त्र के ज्ञान की कमी’ को दर्शाता है. उन्होंने कहा, ‘‘यह गलत है कि सिंगापुर में चिकित्सकीय उपचार मुफ्त हैं. भारत में गरीबों के लिये शिक्षा एवं चिकित्सकीय उपचार मुफ्त है. ‘मेर्सल’ सिर्फ विजय की मोदी विरोधी नफरत दर्शाती है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जीएसटी कोई नया कानून नहीं है.’’

उधर माकपा के प्रांतीय सचिव जी रामकृष्णन ने चेन्नई में एक बयान में भाजपा की आलोचना को ‘‘अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला’’ बताया. रंजीत ने कहा, ‘‘फिल्म से इन दृश्यों को हटाने की कोई जरूरत नहीं है. फिल्म में इस मुद्दे पर लोगों का विचार झलकता प्रतीत हो रहा है क्योंकि इस दृश्य पर सिनेमाघरों में दर्शकों से भारी सराहना मिल रही है.’’ उन्होंने कहा कि नेताओं को इसे (जीएसटी के स्पष्ट प्रभाव को) ‘‘जनता के मुद्दे’’ के तौर पर देखना चाहिए. एटली निर्देशित ‘मेर्सल’ 18 अक्टूबर को रिलीज हुई थी.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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