
प्रतीकात्मक तस्वीर
जयपुर:
राजस्थान सूचना आयोग ने राज्य में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता लाने की व्यवस्था के तहत कहा है कि भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के मिले अंकों के बारे में जानकारी को तृतीय पक्षकारों की सूचना बता कर, सूचना का अधिकार कानून के तहत देने से इनकार नहीं किया जा सकता. राज्य सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने कहा कि इससे चयनित अभ्यर्थियों की निजता भंग नहीं होती. उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता के लिए अन्तिम चयनित अभ्यर्थियों के प्राप्तांक स्वैच्छिक रूप से सार्वजनिक करने चाहिए.
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सूचना आयुक्त शर्मा ने गत दिनों अरूण जोशी की द्वितीय अपील का निस्तारण करते हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग को फिलहाल प्रक्रियाधीन एवं भविष्य में आयोजित सभी परीक्षाओं में अन्तिम चयनित अभ्यर्थियों की सूची राज्य सरकार को भेजने के साथ ही इन अभ्यर्थियों के लिखित एवं साक्षात्कार के अन्तिम प्राप्तांक आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं. जोशी ने फरवरी 2016 में सहायक अभियन्ता भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों के लिखित तथा साक्षात्कार के प्राप्तांकों की सूचना चाही थी. राजस्थान लोक सेवा आयोग ने यह कहते हुए सूचना देने से इनकार कर दिया कि यह सूचना तृतीय पक्षकारों की व्यक्तिगत सूचना है जिसे दिए जाने से अन्य अभ्यर्थियों की निजता भंग होगी.
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राज्य सूचना आयोग ने अपने फैसले में आरपीएससी के इस तर्क को नहीं माना. आयोग ने कहा कि भर्ती में असफल अभ्यर्थियों को यह जानने का हक है कि अपने प्रतिस्पर्धियों से वे कहां पिछड़े. सफल अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक होने से उनकी निजता भंग नहीं होगी क्योंकि यह सार्वजनिक विषय है न कि व्यक्तिगत. आयोग ने निर्देश दिए कि सरकारी भर्ती में नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों की सूचना पारदर्शिता तथा व्यापक जनहित में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सार्वजनिक की जानी चाहिए, तब आएगी पारदर्शिता.
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गौरतलब है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठने और अनेक कानूनी विवादों के बावजूद आरपीएससी अब तक भर्ती परीक्षाओं में चयनित अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों की सूचना निजी बता कर अन्य अभ्यर्थियों को नहीं देती थी. स्वयं के प्राप्ताकों की सूचना प्राप्त की जा सकती थी. राजस्थान सूचना आयोग के ताजा निर्णय से आरपीएससी को सभी सफल अभ्यर्थियों के लिखित तथा साक्षात्कार के प्राप्तांकों की सूचना सार्वजनिक करनी होगी जिससे कोई भी व्यक्ति देख कर विश्लेषण कर सकेगा. इससे भर्तियों में पारदर्शिता आएगी.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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