- खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को NSA की अवधि समाप्ति के बाद पंजाब पुलिस ने डिब्रूगढ़ जेल से गिरफ्तार किया
- अमृतपाल सिंह को अजनाला पुलिस स्टेशन हमले के मामले में दो दिन की पुलिस रिमांड पर रखा गया है
- गिरफ्तार प्रक्रिया अत्यंत कड़ी सुरक्षा के बीच हुई जिसमें पंजाब और असम पुलिस के अधिकारी शामिल थे
पंजाब के खडूर साहिब से सांसद और ‘वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को NSA की अवधि खत्म होने के बाद पंजाब पुलिस ने गुरुवार को हिरासत में ले लिया. पंजाब पुलिस की टीम ने 2023 के अजनाला पुलिस स्टेशन हमले के मामले में अमृतपाल को डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल से गिरफ्तार किया और दो दिन की रिमांड पर लिया गया. अमृतपाल सिंह पर लगाई गई NSA की तीन साल की अवधि बुधवार, 22 अप्रैल की रात 12 बजे समाप्त हो गई. इसके तुरंत बाद पंजाब पुलिस की टीम डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंची और औपचारिक गिरफ्तारी की. इसके बाद अमृतपाल को डिब्रूगढ़ पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां दो दिन की पुलिस रिमांड पर रखा गया है.
कड़ी सुरक्षा में हुआ ट्रांसफर
अमृतपाल सिंह का ट्रांसफर बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच किया गया. इस दौरान 11 गाड़ियों का काफिला मौजूद था, जिसमें पंजाब पुलिस, असम पुलिस और असम पुलिस कमांडो शामिल थे. अभियान का नेतृत्व पंजाब पुलिस के एक DSP ने किया, जबकि डिब्रूगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) अतुल कुमार भी मौके पर मौजूद रहे. 2 दिन की पुलिस रिमांड के दौरान पंजाब पुलिस अमृतपाल सिंह से फरवरी 2024 में हुए अजनाला पुलिस स्टेशन हमले को लेकर पूछताछ करेगी. इस घटना में एक आरोपी को छुड़ाने के लिए भीड़ द्वारा पुलिस स्टेशन पर धावा बोले जाने का आरोप है, जिसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे.
वकील ने दी हिरासत की पुष्टि
अमृतपाल सिंह की वकील जसबीर कौर ने मीडिया से बातचीत में हिरासत की पुष्टि करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस की टीम डिब्रूगढ़ पुलिस स्टेशन में पूछताछ करेगी. उन्होंने बताया कि रिमांड पूरी होने के बाद अमृतपाल को फिर से डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल भेज दिया जाएगा. वकील ने यह भी कहा कि इस मामले की न्यायिक कार्रवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पंजाब से की जाएगी.
हाईकोर्ट का आदेश और जेल में ही रहने का फैसला
यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद संभव हुई, जिसमें राज्य सरकार को NSA की अवधि समाप्त होने के बाद अमृतपाल सिंह को औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने की अनुमति दी गई थी. साथ ही अदालत ने कानून‑व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए अमृतपाल को पंजाब की बजाय असम की जेल में ही रखने की इजाजत दी थी.
अप्रैल 2023 से डिब्रूगढ़ जेल में बंद
अमृतपाल सिंह अप्रैल 2023 से हाई‑सिक्योरिटी डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं. उनके कई सहयोगियों को NSA की अवधि खत्म होने के बाद पंजाब की जेलों में स्थानांतरित किया गया था, लेकिन अजनाला मामले में मुख्य आरोपी होने के चलते अमृतपाल को असम में ही रखा गया.
अन्य मामलों और लोकसभा चुनाव का संदर्भ
अजनाला केस के अलावा अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब के अलग‑अलग जिलों में हिंसा और डराने‑धमकाने से जुड़ी करीब 12 FIR दर्ज हैं. अक्टूबर 2024 में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गुरप्रीत सिंह की हत्या के मामले में भी उन्हें साजिशकर्ता के रूप में नामजद किया गया है. जेल में रहते हुए अमृतपाल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब सीट से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत हासिल की थी. जुलाई 2024 में शपथ लेने के लिए अमृतपाल थोड़े समय की पैरोल दी गई थी, लेकिन इसके बाद से वह लगातार हिरासत में हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं