भारत के सचिन सिवाच ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के 60 किग्रा क्वार्टर फाइनल के लिए रिंग में उतरने से पहले उन्हें घबराहट हो रही थी, लेकिन पहली घंटी बजते ही उनकी सारी घबराहट गायब हो गई. सिवाच ने बुधवार को बोत्सवाना के मोरेमी ट्रेजर को हराकर देश के लिए बॉक्सिंग मेडल पक्का किया है. भारतीय बॉक्सर ने शांत और सटीक प्रदर्शन करते हुए सर्वसम्मति से 5-0 से जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई, जिससे देश के लिए कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हो गया.
जीत के बाद सचिन ने कहा, 'मुकाबले से पहले मैं घबराया हुआ था, लेकिन पहली घंटी बजते ही सब बदल गया. एक बार मुकाबला शुरू होने के बाद, मेरा पूरा ध्यान अपनी बॉक्सिंग और गेम प्लान पर था.' आसान स्कोरलाइन के बावजूद, भारतीय बॉक्सर का मानना था कि इतने बड़े इवेंट में किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लिया जा सकता. उन्होंने कहा, 'आपको कभी भी किसी को हल्के में नहीं लेना चाहिए. यहां हर बॉक्सर उलटफेर करने में सक्षम है। मैंने अपने प्रतिद्वंद्वी का सम्मान किया, धैर्य बनाए रखा और अपनी रणनीति पर अमल किया.'
सचिन ने भारत के युवाओं के लिए एक दिल को छू लेने वाला संदेश भी दिया, जिसमें उन्होंने उनसे अनुशासित रहने और अपने माता-पिता के त्याग को समझने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, 'युवाओं के लिए मेरा संदेश है कि वे अपने माता-पिता का सम्मान करें और कड़ी मेहनत करें. अगर आप समर्पित रहते हैं और खुद पर विश्वास रखते हैं, तो एक दिन आप निश्चित रूप से सफलता हासिल करेंगे.'
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