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वर्ल्ड नंबर 1 मैग्नस कार्लसन को हराया, लेकिन घरवालों तक को नहीं बताया, पिता ने प्रोफाइल देखी तो हुआ खुलासा

दिल्ली के 15 वर्षीय वंदन अलंकार सवाई ने ऑनलाइन टूर्नामेंट ‘टाइटिल्ड ट्यूसडे’ में विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को मात देकर सबको चौंका दिया. दिलचस्प बात यह रही कि वंदन ने अपनी इस बड़ी उपलब्धि के बारे में न तो कोच को बताया और न ही परिवार को, बाद में उनके पिता को इसकी जानकारी मिली.

वर्ल्ड नंबर 1 मैग्नस कार्लसन को हराया, लेकिन घरवालों तक को नहीं बताया, पिता ने प्रोफाइल देखी तो हुआ खुलासा
Vandan Alankar Sawai Defeated Magnus Carlsen
X (formerly Twitter)

नॉर्वे के शतरंज के शहंशाह मैग्नस कार्लसन 2011 से वर्ल्ड नंबर 1 बने हुए हैं और इसलिए उनकी जीत नहीं उनकी हार की ख़बर भी हेडलाइंस बनती हैं. इस बार ये ख़बर दिल्ली के एक 15 साल के अनजान से शतरंज खिलाड़ी वंदन अलंकार सवाई की वजह से हेडलाइन बनी है. बड़ी बात ये है कि वंदन अपनी इस जीत का शोर सातवें आसमान पर जाकर नहीं मचा रहे. बल्कि, वंदन ने तो इस जीत के बारे में किसी से बात भी नहीं की- ना मां-बाप से, ना कोच से. बाद में उनके पिता ने प्रोफ़ाइल खोलकर देखा तो उन्हें पता चला कि बेटे ने शतरंज के सबसे टॉप खिलाड़ी को शिकस्त दी है. 

NDTV से EXCLUSIVE बात करते हुए वंदन कहते हैं, 'जब ऑनलाइन चेस के लिए मैग्नस के साथ मेरी पेयरिंग आई तो मुझे लगा कि मैं लकी हूं कि मुझे मैग्नस के साथ मैच खेलने का मौक़ा मिला है.'

कोच भी चेले से हैरान!
5 बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराने वाले वंदन से उनके कोच गुरप्रीत पाल सिंह भी हैरान हैं. भारतीय रेलवे में काम करने वाले कोच गुरप्रीत कहते हैं, 'मैं 7 सालों से वंदन को ट्रेनिंग दे रहा हूं. वो करीब दो महीने पहले ही कैंडिडेट मास्टर-CM बने हैं. मैं उम्मीद करता हूं कि वो मेहनत कर और अच्छा करेंगे और ग्रैंड मास्टर भी बनेंगे.' 

कोच को पिता से मिली जानकारी
मंगलवार की रात को ‘Chess.com (चेस डॉट कॉम) के टाइटिल्ड ट्यूसडे' के एक मैच में दिल्ली के 15 साल के वंदन अलंकार सवाई ने पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराकर इसका ज़िक्र अपने कोच से भी नहीं किया. कोच को इसकी जानकारी उनके पिता से मिली.  

‘खूब पढ़ते हैं और खूब चलते हैं वंदन' 
NDTV बात करते हुए वंदन कहते हैं कि इंटरनेशनल मास्टर-IM और ग्रैंड मास्टर-GM बनने के बाद उन्होंने पक्की तरह से सोचा नहीं है कि वो क्या करेंगे. NDTV से बात करते हुए कोच गुरप्रीत कहते हैं, 'ये तो उसने मुझे भी नहीं बताया कि वो क्या करना चाहता है. मगर वो ज़बरदस्त पढ़ाई करता है. मैंने उसे हाल ही में चेस की एक मोटी और मुश्किल क़िताब दी. उसने उसे पढ़कर जल्दी ही लौटा दिया. स्ट्रेस या तनाव से दूर रहने के लिए वो खूब चलता है. उसे लंबे वॉक की आदत है.' 

कार्लसन को कैसे हराया
chess.com के हर हफ़्ते होने वाले ‘टाइटिल्ड ट्यूसडे-Titled Tuesday' ऑनलाइन टूर्नामेंट में खेलते हुए दिल्ली के सरदार पटेल स्कूल में पढ़ने वाले 15 साल के वंदन अलंकार सवाई ने दूसरे राउंड में शतरंज के शहंशाह मैग्नस कार्लसन को हरा दिया. लेकिन वंदन ये भी कहते हैं कि ये उनका बेस्ट गेम नहीं था. वो कहते हैं, 'मैंने इससे पहले जर्मनी के ग्रैंडमास्टर मैथ्यूज़ ब्लूबॉम (Matthias Blubaum) जिनकी रेटिंग 2600 है के ख़िलाफ़ भी खेला था. वो मैच भी मेरे अब तक के बेस्ट मैचों में से एक है.'

NDTV से बात करते हुए वंदन कहते हैं, '25वीं चाल पर उन्होंने अपने Knight-घोड़े को वापस C7 पर ले जाने के लिए 20 सेकंड सोचा. वंदन ने फिर बिशप एक्सचेंज शुरू करने के लिए 36 सेकंड लिए, लेकिन मोहरे को वापस लेने के बजाय, कार्लसन ने खेल की सबसे बड़ी भूल कर दी और अपने किंग को F8 पर ले गए. इससे मुझे एक और हाथी-Rook एक्सचेंज करने का मौका मिल गया.' 

एंडगेम के बारे में बात करते हुए वंदन कहते हैं, 'एक मोहरा कम होने पर कार्लसन ने वजीर एक्सचेंज करके एंडगेम में प्रवेश किया. 50वीं चाल में कार्लसन रिजाइन कर गए.' वंदन ने मंगलवार को दो राउंड और खेले और चार राउंड में कुल तीन जीत हासिल की और फिर 11 राउंड के इस इवेंट से बाहर निकलने का फैसला किया. मंगलवार को वियतनाम के तुआन मिन्ह ले, ईरान के पर हम मघसूदलू और भारत के अर्जुन एरिगैसी 9.5-9.5 अंकों के साथ टॉप पर रहे.

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