शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
- फडणवीस ने शिवसेना को ‘वसूली करने वालों की पार्टी’ बताया था
- 'कोई भी स्वयं को मानकर भगवान कृष्ण नहीं बन जाता'
- ठाकरे ने कहा, ‘मुंबई के लोग देंगे फडणवीस की टिप्पणी का जवाब’
मुंबई:
बीएमसी चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर विवाद के बाद अलग हुए बीजेपी और शिवसेना के बीच जुबानी जंग जारी है. शनिवार को ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने शिवसेना पर निशाना साधा था. रविवार को बारी शिवसेना की थी. हालांकि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फडणवीस के बयान पर सीधे तो कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन इशारों में और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर बीजेपी की खिंचाई जरूर कर दी. उन्होंने बीजेपी पर ताना मारते हुए कहा कि ‘वे ईंटें खोज रहें होंगे जो उन्होंने पहले एकत्रित की थीं.’ उन्होंने कहा, ‘यदि वे ईंट खोज लेंगे, तो हो सकता है कि वे मंदिर बना दें. मंदिर बनाएंगे, पर कब बनाएंगे.’ उन्होंने बीजेपी पर वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया.
शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना को ‘वसूली करने वालों’ की पार्टी बताया था जिससे तिलमिलाये शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि वह इस पर प्रतिक्रिया नहीं देना चाहेंगे. फडणवीस ने शनिवार रात भाजपा की एक रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना को ‘वसूली करने वालों की पार्टी’ बताया था और गत दो दशकों से मुंबई पर उसके प्रभुत्व को मुंबई के लिए ‘बड़ा नुकसान’ बताया था.
ठाकरे ने अपनी मौजूदगी में बृहन्मुम्बई महानगरपालिक (बीएमसी) में विपक्ष के पूर्व नेता एवं कांग्रेस पाषर्द देवेंद्र अंबेरकर के शिवसेना में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘मैं उनकी कल रात की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करना चाहता.’ उन्होंने कहा, ‘उन्होंने पहले कहा था कि केवल लाल किले से भाषण देने से कोई भी प्रधानमंत्री नहीं बन जाता. इसी तरह से कोई भी केवल (स्वयं को) मानकर भगवान कृष्ण नहीं बन जाता.’ ठाकरे ने भाजपा मुंबई प्रमुख आशीष शेलार का नाम नहीं लिया जिन्होंने कल की रैली के दौरान अपने संबोधन में शिवसेना-भाजपा संबंधों के लिए महाभारत की उपमा दी थी. उन्होंने फडणवीस को भगवान कृष्ण बताया था और उम्मीद जतायी थी कि कृष्ण कौरवों (शिवसेना) के खिलाफ लड़ेंगे.
ठाकरे ने कहा, ‘मैं उस पर (जो फडणवीस ने कहा) अधिक नहीं बोलूंगा क्योंकि मेरा भी गला खराब हो जाएगा.’ उनका इशारा परोक्ष रूप से फडणवीस के अपने संबोधन के दौरान दो बार पानी पीने की ओर था क्योंकि उनका गला खराब था. उन्होंने कहा, ‘जो उन्होंने कहा उस पर नहीं बोलूंगा. मुंबई के लोग उसका जवाब देंगे.’ उन्होंने कहा, ‘उनकी पहले की छवि खराब हो गई है. अब भय यह है कि छवि ‘गुंडो के सीएम’ की न बन जाए.
(इनपुट भाषा से...)
शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना को ‘वसूली करने वालों’ की पार्टी बताया था जिससे तिलमिलाये शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि वह इस पर प्रतिक्रिया नहीं देना चाहेंगे. फडणवीस ने शनिवार रात भाजपा की एक रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना को ‘वसूली करने वालों की पार्टी’ बताया था और गत दो दशकों से मुंबई पर उसके प्रभुत्व को मुंबई के लिए ‘बड़ा नुकसान’ बताया था.
ठाकरे ने अपनी मौजूदगी में बृहन्मुम्बई महानगरपालिक (बीएमसी) में विपक्ष के पूर्व नेता एवं कांग्रेस पाषर्द देवेंद्र अंबेरकर के शिवसेना में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘मैं उनकी कल रात की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करना चाहता.’ उन्होंने कहा, ‘उन्होंने पहले कहा था कि केवल लाल किले से भाषण देने से कोई भी प्रधानमंत्री नहीं बन जाता. इसी तरह से कोई भी केवल (स्वयं को) मानकर भगवान कृष्ण नहीं बन जाता.’ ठाकरे ने भाजपा मुंबई प्रमुख आशीष शेलार का नाम नहीं लिया जिन्होंने कल की रैली के दौरान अपने संबोधन में शिवसेना-भाजपा संबंधों के लिए महाभारत की उपमा दी थी. उन्होंने फडणवीस को भगवान कृष्ण बताया था और उम्मीद जतायी थी कि कृष्ण कौरवों (शिवसेना) के खिलाफ लड़ेंगे.
ठाकरे ने कहा, ‘मैं उस पर (जो फडणवीस ने कहा) अधिक नहीं बोलूंगा क्योंकि मेरा भी गला खराब हो जाएगा.’ उनका इशारा परोक्ष रूप से फडणवीस के अपने संबोधन के दौरान दो बार पानी पीने की ओर था क्योंकि उनका गला खराब था. उन्होंने कहा, ‘जो उन्होंने कहा उस पर नहीं बोलूंगा. मुंबई के लोग उसका जवाब देंगे.’ उन्होंने कहा, ‘उनकी पहले की छवि खराब हो गई है. अब भय यह है कि छवि ‘गुंडो के सीएम’ की न बन जाए.
(इनपुट भाषा से...)
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