प्रतीकात्मक फोटो
- भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने की कार्रवाई
- रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी
- ठाणे जिले से सटे भिवंडी-निजामपुरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर पर कार्रवाई
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
ठाणे:
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारियों ने धोखाधड़ी के मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एक पुलिस इंस्पेक्टर को आज गिरफ्तार कर लिया.
ठाणे जिले से सटे भिवंडी-निजामपुरा पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर (अपराध) के रूप में कार्यरत बाबासाहेब बेदारे धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रहा था. एसीबी पुलिस अधीक्षक संग्राम सिंह निशानदार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उसने आरोपी से अदालत में उसके खिलाफ मामला झूठा होने और मामले में आगे जांच की आवश्यकता नहीं होने के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी.
उन्होंने बताया कि आरोपी किश्तों में रकम देने पर सहमत हो गया और साथ ही एसीबी के समक्ष शिकायत भी दर्ज करा दी. भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ने जाल बिछाया और शाम को 52 वर्षीय निरीक्षक को पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये लेते हुए पकड़ लिया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ठाणे जिले से सटे भिवंडी-निजामपुरा पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर (अपराध) के रूप में कार्यरत बाबासाहेब बेदारे धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रहा था. एसीबी पुलिस अधीक्षक संग्राम सिंह निशानदार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उसने आरोपी से अदालत में उसके खिलाफ मामला झूठा होने और मामले में आगे जांच की आवश्यकता नहीं होने के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी.
उन्होंने बताया कि आरोपी किश्तों में रकम देने पर सहमत हो गया और साथ ही एसीबी के समक्ष शिकायत भी दर्ज करा दी. भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ने जाल बिछाया और शाम को 52 वर्षीय निरीक्षक को पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये लेते हुए पकड़ लिया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)