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सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण से क्यों असहज शिवसेना के दोनों धड़े? संजय राउत और शिंदे के मंत्री ने उठाए सवाल

सुनेत्रा पवार शनिवार को महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम के पद की शपथ लेंगी. अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बन रहीं हैं. उनके शपथ ग्रहण पर अब सवाल उठने लगे हैं.

सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण से क्यों असहज शिवसेना के दोनों धड़े? संजय राउत और शिंदे के मंत्री ने उठाए सवाल
संजय सिरसाट, सुनेत्रा पवार और संजय राउत.
  • महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाया जा रहा है
  • सुनेत्रा पवार शनिवार शाम पांच बजे डिप्टी सीएम पद की शपथ ग्रहण करेंगी, जिसे लेकर विवाद हो गया है.
  • अजित पवार का निधन विमान हादसे में हुआ था, जिसमें उनके साथ कुल पांच लोगों की मौत हुई थी
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मुंबई:

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम बनने जा रहीं हैं. सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण शनिवार शाम को होगा. हालांकि, अब इस मामले पर सियासत भी शुरू हो गई है. अजित पवार के निधन के चार दिन बाद ही हो रहे इस शपथ ग्रहण पर सवाल उठने लगे हैं. शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने पहले इस पर सवाल उठाए थे. और अब शिवसेना (शिंदे गुट) ने भी इस पर सवाल खड़े किए हैं.

अजित पवार का निधन 28 जनवरी को विमान हादसे में हो गया था. बारामती में उनका विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया था, जिसमें अजित पवार समेत विमान में सवार 5 लोगों का निधन हो गया था. उनके निधन के बाद अब महायुति सरकार में सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाया जा रहा है. सुनेत्रा पवार शनिवार शाम 5 बजे डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगी.

इतनी जल्दी शपथ ग्रहण होने पर अब सवाल उठने लगे हैं. शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा कि अब तक महाराष्ट्र अजित पवार के निधन से उबर भी नहीं पाया था. वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) ने सवाल उठाते हुए कहा कि अजित दादा के जाने के बाद इतनी जल्दबाजी क्यों?

संजय राउत ने क्या कहा?

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाए जाने पर कहा कि यह उनकी पार्टी का आंतरिक निर्णय है. प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे राष्ट्रीय नेताओं ने अगर यह फैसला लिया है, तो यह उनकी पार्टी का मामला है.

उन्होंने कहा कि 'मैं बस इतना ही कहूंगा कि जब तक अजित पवार का शोक समय समाप्त नहीं होता, मैं ज्यादा नहीं बोलूंगा. लेकिन भाजपा शव के सिर से मक्खन खाने वाली अवसरवादी पार्टी है. जब अजित पवार जीवित थे, तब दोनों गुटों का एक साथ आना संभव था, लेकिन अब स्थिति के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता.'

एनसीपी के दोनों गुटों के विलय पर संजय राउत ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह राजनीति अब पारिवारिक है और उनकी पार्टी ही इस पर निर्णय लेगी या फिर आखिरकार अमित शाह इस पर फैसला लेंगे.

शिंदे गुट का क्या है कहना?

शिवसेना (शिंदे गुट) के मंत्री संजय सिरसाट ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि अजित दादा के जाने के बाद इतनी जल्दबाजी क्यों?

उन्होंने कहा कि 'अजित पवार के निधन के बाद इतनी जल्दबाजी में सुनेत्रा पवार का शपथ लेना अविश्वसनीय है. यह कुछ दिनों बाद भी हो सकता था. राज्य में 3 दिन का शोक घोषित था. शोक खत्म होते ही शपथ कार्यक्रम जनता को पसंद नहीं आएगा. आखिर इतनी क्या जल्दी थी? किसी अंदरूनी राजनीति या किसी डर की वजह से यह फैसला आनन-फानन में लिया गया क्या?'

उन्होंने कहा कि शरद पवार को निमंत्रण नहीं मिला. ये अजित पवार गुट का अंदरूनी मामला है, शायद उन्होंने पवार साहब से चर्चा करना जरूरी नहीं समझा.

दोनों एनसीपी के साथ आने पर संजय सिरसाट ने कहा कि 'दोनों के साथ आने की संभावनाएं फिलहाल खत्म हो गई हैं. अजित दादा एक कद्दावर नेता थे. उनके जाने के बाद अब किसी अन्य नेता के शब्दों में वह अहमियत नजर नहीं आती.' हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि एनसीपी की बैठक में जो भी फैसला होगा, उसे सीएम देवेंद्र फडणवीस और हमारी शिवसेना का समर्थन होगा.

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