रवींद्र वायकर की फाइल तस्वीर
मुंबई:
महाराष्ट्र के गृहनिर्माण राज्यमंत्री और शिवसेना नेता रवींद्र वायकर पर कांग्रेस ने जमीन घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी के पूर्व सांसद और मुंबई इकाई के अध्यक्ष संजय निरुपम ने कहा है कि उनके पास तमाम आरोपों के सबूत मौजूद हैं।
मुंबई कांग्रेस के दफ्तर में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निरुपम ने आरोप लगाया कि रवींद्र वायकर ने आरे कॉलोनी की 20 एकड़ की जमीन हड़प ली है। इस जमीन पर आदिवासियों के लिए जिम और सोना बाथ बनाने के नाम पर एक हेल्थ सेंटर बना दिया गया है, जिसकी ऊपरी मंज़िल अनाधिकृत है।
निरुपम के मुताबिक हड़पी गई जमीन की कीमत 20 करोड़ रुपये है और चौंकाने वाली बात है कि इस जमीन पर बने हेल्थ सेंटर को चलाने वाली संस्था वायकर के पत्नी की है। यही नहीं चैरिटी कमिशनर इस संस्था को उनके पास रजिस्टर्ड भी नहीं मानते। कुल मिलाकर एक गैर-रजिस्टर्ड संस्था को वायकर ने सरकारी जमीन का हिस्सा दिलाया है और 27 लाख रुपये की सरकारी मदद भी दिलाई है, जो कि सरासर गैरकानूनी है।
निरुपम ने यह भी दावा किया है कि, आरे प्रशासन ने तीन बार अक्टूबर, दिसंबर 2014 और मार्च, 2016 को म्हाडा को खत लिखा और हेल्थ सेंटर को हटाने की मांग की, लेकिन मंत्री रहते हुए वायकर अपने अधीन म्हाडा को कार्रवाई से रोक रही है।
निरुपम ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को खत लिखकर मांग की है कि वायकर को मंत्री को पद से हटाएं और हेल्थ सेंटर को तोड़ दें। निरुपम के तमाम आरोपों पर अभी तक रवींद्र वायकर के दफ्तर से कोई सफाई नहीं आई है।
मुंबई कांग्रेस के दफ्तर में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निरुपम ने आरोप लगाया कि रवींद्र वायकर ने आरे कॉलोनी की 20 एकड़ की जमीन हड़प ली है। इस जमीन पर आदिवासियों के लिए जिम और सोना बाथ बनाने के नाम पर एक हेल्थ सेंटर बना दिया गया है, जिसकी ऊपरी मंज़िल अनाधिकृत है।
निरुपम के मुताबिक हड़पी गई जमीन की कीमत 20 करोड़ रुपये है और चौंकाने वाली बात है कि इस जमीन पर बने हेल्थ सेंटर को चलाने वाली संस्था वायकर के पत्नी की है। यही नहीं चैरिटी कमिशनर इस संस्था को उनके पास रजिस्टर्ड भी नहीं मानते। कुल मिलाकर एक गैर-रजिस्टर्ड संस्था को वायकर ने सरकारी जमीन का हिस्सा दिलाया है और 27 लाख रुपये की सरकारी मदद भी दिलाई है, जो कि सरासर गैरकानूनी है।
निरुपम ने यह भी दावा किया है कि, आरे प्रशासन ने तीन बार अक्टूबर, दिसंबर 2014 और मार्च, 2016 को म्हाडा को खत लिखा और हेल्थ सेंटर को हटाने की मांग की, लेकिन मंत्री रहते हुए वायकर अपने अधीन म्हाडा को कार्रवाई से रोक रही है।
निरुपम ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को खत लिखकर मांग की है कि वायकर को मंत्री को पद से हटाएं और हेल्थ सेंटर को तोड़ दें। निरुपम के तमाम आरोपों पर अभी तक रवींद्र वायकर के दफ्तर से कोई सफाई नहीं आई है।
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