देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)
मुंबई:
शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के गृहनिर्माण राज्यमंत्री रविंद्र वायकर पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के गंभीर न होने का आरोप मुंबई कांग्रेस ने लगाया है। मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम ने मंगलवार को मुंबई में प्रेस कांफ्रेंस कर ये दावा किया। साथ ही वायकर के खिलाफ़ कुछ नए गंभीर आरोप भी निरुपम ने लगाए हैं।
अपनी प्रेस कांफ्रेंस में निरुपम ने नया खुलासा करते हुए दावा किया है कि पुरातत्व विभाग की मुंबई की जमीन पर गैरकानूनी तरीके से रविंद्र वायकर की कंपनी की इमारत बन रही है। इसके लिए अनुमति वायकर के मंत्री पद पर आने के बाद दी गई। जिस लिए वायकर के अधीन SRA विभाग ने ASI के आदेश और हाईकोर्ट के निर्देशों का भी उल्लंघन किया है।
निरुपम का दावा है कि गृहनिर्माण राज्यमंत्री रविंद्र वायकर मुंबई में साढ़े तीन लाख स्क्वायर फीट के SRA प्रोजेक्ट्स में लिप्त हैं। इन प्रोजेक्ट्स की कीमत 1 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। पद पर रहते हुए उन्होंने अपने सरकारी निवास पर मातहत अधिकारियों की बैठक बुलाकर अपनी संलिप्तता के कारोबार को लाभ पहुंचाया है।
निरुपम ने लोकायुक्त के पास भी की शिकायत
निरुपम इससे पहले अपने खुलासे में वायकर पर 20 एकड़ सरकारी जमीन हड़पने और उस पर अपनी पत्नी की सामाजिक संगठन के अधीन हेल्थ सेंटर बनाने का आरोप लगा चुके हैं। अपने आरोपों को लेकर उन्होंने लोकायुक्त के साथ ही मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के पास भी शिकायत की है। लेकिन, उनका कहना है कि भ्रष्ट मंत्री को पद से हटाकर उसके खिलाफ़ लगे आरोपों कि जांच होनी चाहिए। लेकिन, मुख्यमंत्री फडणवीस शिवसेना के कोटे के मंत्री के भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर नहीं।
उधर अपने खिलाफ़ जारी आरोपों के सिलसिले के बावजूद राज्यमंत्री वायकर मीडिया से बच रहे हैं। उनके कार्यालय से NDTV इंडिया को व्हाट्सअप मैसेज में कहा गया है कि निरुपम के आरोप ग़लत और झूठे हैं। वायकर का कहना है कि 2011 में ही वे ऐश्वर्या लाइट्स कंस्ट्रक्शन्स इस कंपनी से अपना हिस्सा हटा चुके हैं।
वैसे महाराष्ट्र के लोकायुक्त एम.एल. ताहिलियानी ने राज्यमंत्री वायकर को उनके खिलाफ़ लगे जमीन गबन के आरोपों के मामले में सोमवार तक जवाब देने को कहा है।
अपनी प्रेस कांफ्रेंस में निरुपम ने नया खुलासा करते हुए दावा किया है कि पुरातत्व विभाग की मुंबई की जमीन पर गैरकानूनी तरीके से रविंद्र वायकर की कंपनी की इमारत बन रही है। इसके लिए अनुमति वायकर के मंत्री पद पर आने के बाद दी गई। जिस लिए वायकर के अधीन SRA विभाग ने ASI के आदेश और हाईकोर्ट के निर्देशों का भी उल्लंघन किया है।
निरुपम का दावा है कि गृहनिर्माण राज्यमंत्री रविंद्र वायकर मुंबई में साढ़े तीन लाख स्क्वायर फीट के SRA प्रोजेक्ट्स में लिप्त हैं। इन प्रोजेक्ट्स की कीमत 1 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। पद पर रहते हुए उन्होंने अपने सरकारी निवास पर मातहत अधिकारियों की बैठक बुलाकर अपनी संलिप्तता के कारोबार को लाभ पहुंचाया है।
निरुपम ने लोकायुक्त के पास भी की शिकायत
निरुपम इससे पहले अपने खुलासे में वायकर पर 20 एकड़ सरकारी जमीन हड़पने और उस पर अपनी पत्नी की सामाजिक संगठन के अधीन हेल्थ सेंटर बनाने का आरोप लगा चुके हैं। अपने आरोपों को लेकर उन्होंने लोकायुक्त के साथ ही मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के पास भी शिकायत की है। लेकिन, उनका कहना है कि भ्रष्ट मंत्री को पद से हटाकर उसके खिलाफ़ लगे आरोपों कि जांच होनी चाहिए। लेकिन, मुख्यमंत्री फडणवीस शिवसेना के कोटे के मंत्री के भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर नहीं।
उधर अपने खिलाफ़ जारी आरोपों के सिलसिले के बावजूद राज्यमंत्री वायकर मीडिया से बच रहे हैं। उनके कार्यालय से NDTV इंडिया को व्हाट्सअप मैसेज में कहा गया है कि निरुपम के आरोप ग़लत और झूठे हैं। वायकर का कहना है कि 2011 में ही वे ऐश्वर्या लाइट्स कंस्ट्रक्शन्स इस कंपनी से अपना हिस्सा हटा चुके हैं।
वैसे महाराष्ट्र के लोकायुक्त एम.एल. ताहिलियानी ने राज्यमंत्री वायकर को उनके खिलाफ़ लगे जमीन गबन के आरोपों के मामले में सोमवार तक जवाब देने को कहा है।
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