- महाराष्ट्र के पुणे जिले के नसरापुर में चार साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया है
- आरोपी भीमराव कांबले का बचपन से ही विकृत और आपराधिक स्वभाव था, जिससे गांव में खौफ फैला हुआ था
- आरोपी ने बच्ची को मिठाई खिलाकर गौशाले में ले जाकर दुष्कर्म किया और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी
Pune Rape Murder: महाराष्ट्र के पुणे जिले के नसरापुर में चार साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. जैसे-जैसे पुलिस की जांच और मीडिया की रिपोर्ट सामने आ रही है, मुख्य आरोपी भीमराव कांबले की अत्यंत विकृत मानसिकता के चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं.
बचपन से ही विकृत था आरोपी
NDTV की एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी भीमराव कांबले शुरू से ही आपराधिक और विकृत स्वभाव का था. ग्रामीणों ने खुलासा किया कि लगभग 20 साल पहले उसने गांव में बकरियों के साथ कुकर्म किया था, जिसके बाद उसे गांव से बाहर निकाल दिया गया था. यही नहीं, वह गांव की महिलाओं और बुजुर्गों पर कुल्हाड़ी की नोक पर अत्याचार करता था, जिसके खौफ के कारण महिलाएं खेतों में जाने से कतराती थीं.
गौशाले में ले जाकर मासूम से की दरिंदगी
जांच में पता चला कि आरोपी ने मासूम बच्ची को बहलाने के लिए पहले मिठाई और नमकीन खिलाई. इसके बाद वह उसे यह कहकर गौशाले ले गया कि वह उसे "गाय का नया बछड़ा" दिखाएगा. वहां उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस हिरासत में उसने अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा कि उसकी नजर हमेशा छोटी बच्चियों पर रहती थी.
अदालत में आरोपी का झूठ: "मुझे मारपीट के केस में फंसाया गया है"
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहां पुलिस के सामने आरोपी ने जुर्म कबूल किया, वहीं अदालत में उसने खुद को निर्दोष बताया. न्यायाधीश के पूछने पर उसने दावा किया, "सर, यह मारपीट का एक मामूली मामला है जिसमें मुझे फंसाया गया है." चूंकि यह पॉक्सो का संवेदनशील मामला है, इसलिए सुनवाई के दौरान मीडिया को अदालत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी.
पीड़ित पिता की भावुक अपील: "जब तक फांसी नहीं, तब तक कोई नेता न आए"
इस दुखद घड़ी में पीड़ित बच्ची के पिता ने कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है. उन्होंने राजनेताओं से अपील की है कि वे सांत्वना देने के बहाने फोटो खिंचवाने उनके घर न आएं. पिता ने कहा, "मेरी एक ही इच्छा है कि जब तक उस दरिंदे को फांसी नहीं हो जाती, तब तक कोई भी राजनेता हमारे घर न आए. हमें सांत्वना नहीं, न्याय चाहिए." इस अपील के बाद मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल और राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने अपने दौरे रद्द कर दिए हैं.
महाराष्ट्र में भारी आक्रोश: एनकाउंटर और फांसी की मांग
घटना के विरोध में भोर और राजगड तालुका में पूर्ण बंद रखा गया. अभिनेता और निर्देशक प्रवीण तरडे ने सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर करते हुए आरोपी के एनकाउंटर की मांग की है. वहीं, पुणे के विभिन्न चौकों पर विपक्षी दलों और महिला कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर गृहमंत्री के इस्तीफे और आरोपी को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की है.
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