महाराष्ट्र (Maharashtra) में शनिवार सुबह हुए बड़े सियासी उलटफेर के बाद एक-एक कर सभी राजनीतिक दल अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. सुबह महाराष्ट्र के उपराज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) ने बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को मुख्यमंत्री पद और अजीत पवार (Ajit Pawar) को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई, जिसके बाद कांग्रेस नेता बीजेपी पर हमलावर हो रहे हैं. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने शनिवार को महाराष्ट्र में रातोंरात राष्ट्रपति शासन हटाने की कड़ी आलोचना की. गहलोत ने ट्वीट करते हुए महाराष्ट्र में रातोंरात हुए नाटकीय घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र में जो हुआ वह छिपकर करने की क्या आवश्यकता थी, इस प्रकार अचानक राष्ट्रपति शासन का हटना और इस प्रकार शपथ दिलाना कौनसी नैतिकता है? ये लोग देश में लोकतंत्र को किस दिशा में ले जा रहे हैं? समय आने पर देशवासी इसका जवाब देंगे और बीजेपी को सबक सिखाएंगे.
महाराष्ट्र में जो हुआ वह छिपकर करने की क्या आवश्यकता थी, इस प्रकार अचानक राष्ट्रपति शासन का हटना और इस प्रकार शपथ दिलाना कौनसी नैतिकता है?
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) November 23, 2019
ये लोग देश में लोकतंत्र को किस दिशा में ले जा रहे हैं? समय आने पर देशवासी इसका जवाब देंगे और बीजेपी को सबक सिखाएंगे।
महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल महोदय से मेरे कुछ बुनियादी प्रश्न हैं
— digvijaya singh (@digvijaya_28) November 23, 2019
१- क्या राज्यपाल जी को NCP द्वारा समर्थन का कोई पत्र मिला है?
२- सामान्य रूप से राज्यपाल जी को NCP के अध्यक्ष जयंत पाटिल का विधायकों के हस्ताक्षरित सहित पत्र मिलने के बाद ही शपथ के लिए आमंत्रित करना चाहिए था।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने लिखा कि साफ तौर पर राज्यपाल ने संविधान का उल्लंघन किया है. दिग्विजय सिंह ने लिखा कि गोवा, मणिपुर, मेघालय के बाद अब महाराष्ट्र में ऐस किया गया है. उन्होंने लिखा 'महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल महोदय से मेरे कुछ बुनियादी प्रश्न हैं- क्या राज्यपाल जी को NCP द्वारा समर्थन का कोई पत्र मिला है? सामान्य रूप से राज्यपाल जी को NCP के अध्यक्ष जयंत पाटिल का विधायकों के हस्ताक्षरित सहित पत्र मिलने के बाद ही शपथ के लिए आमंत्रित करना चाहिए था.
Illegal and evil manoeuvres take place in the secrecy of midnight
— Ahmed Patel (@ahmedpatel) November 23, 2019
Such was the shame that they had to do the swearing in hiding
This illegitimate formation will self destruct
वहीं राज्यसभा सांसद ने अहमद पटेल ने कहा कि ये बड़े शर्म की बात है कि उन्हें इस तरह छिप कर शपथ लेनी पड़ी. यह असंवैधानिक कदम आत्मघाती साबित होगा.कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने कहा कि "अब ये साबित हो गया कि भाजपा देश के लोकतंत्र की सुपारी ले चुकी है. राज्यपाल एक बार फिर शाह के ‘हिटमैन' साबित हुए हैं. राष्ट्रपति शासन कब हटा? रातोंरात कब दावा पेश किया ? कब विधायकों की सूची पेश की? कब विधायक राज्यपाल के समक्ष पेश हुए? चोरों की तरह शपथ क्यों दिलाई?"
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