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महाकाल मंदिर में देर रात घुसे NSG कमांडो; हाई-अलर्ट के बीच 3 घंटे मॉक ड्रिल, सुरक्षा अभेद्य बनाने की तैयारी

देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में शामिल उज्जैन के महाकाल मंदिर में देर रात अचानक NSG कमांडो, STF और पुलिस की गतिविधियां बढ़ गईं. दरअसल यह किसी खतरे की चेतावनी नहीं, बल्कि मंदिर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए किया गया हाई-लेवल मॉक ड्रिल था, जिसमें 100 से ज्यादा जवान शामिल हुए.

महाकाल मंदिर में देर रात घुसे NSG कमांडो; हाई-अलर्ट के बीच 3 घंटे मॉक ड्रिल, सुरक्षा अभेद्य बनाने की तैयारी
महाकाल मंदिर में रात 2 बजे तक चला NSG का ऑपरेशन, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
अल्टर्ड बाय NDTV
  • उज्जैन के महाकाल मंदिर में NSG कमांडो की एंट्री, 100 से ज्यादा जवानों ने किया अभ्यास
  • NSG, STF और पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन, महाकाल मंदिर परिसर में मॉक ड्रिल
  • देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक महाकाल मंदिर में सुरक्षा का बड़ा रिहर्सल
उज्जैन:

देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल श्री महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए गुरुवार देर रात राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ संयुक्त सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की. रात 11 बजे से लेकर सुबह 2 बजे तक चले इस विशेष अभ्यास में 100 से अधिक कमांडो, पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे. ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे से निपटने की तैयारी को परखना, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बेहतर बनाना था.

रात में तीन घंटे चला संयुक्त सुरक्षा अभ्यास

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में एनएसजी कमांडो, मध्य प्रदेश एसटीएफ, स्थानीय पुलिस और मंदिर प्रशासन ने संयुक्त रूप से सुरक्षा मॉक ड्रिल की. सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित आतंकी, आपदा या अन्य आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया. इस दौरान महाकाल थाना, महालोक थाना, जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे.

100 से अधिक सुरक्षाकर्मी हुए शामिल

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आलोक कुमार शर्मा ने बताया कि इस सुरक्षा अभ्यास में लगभग 100 एनएसजी कमांडो और अन्य सुरक्षा बलों के जवान शामिल हुए. उन्होंने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, इसलिए इसकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है. ड्रिल का उद्देश्य सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और किसी भी खतरे की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है.

टेबलटॉप एक्सरसाइज भी आयोजित

सुरक्षा अभ्यास के तहत एनएसजी अधिकारियों, मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ टेबलटॉप एक्सरसाइज भी की गई. इस दौरान विभिन्न सुरक्षा परिदृश्यों पर चर्चा कर आपातकालीन रणनीतियों और प्रतिक्रिया तंत्र की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं का मूल्यांकन करते हुए संभावित कमजोरियों की पहचान और उनके समाधान पर भी मंथन किया.

सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने पर जोर

एएसपी आलोक कुमार शर्मा के अनुसार पूरे अभियान का उद्देश्य महाकाल मंदिर के लिए ऐसी मजबूत सुरक्षा संरचना विकसित करना है, जिससे किसी भी संभावित खतरे को समय रहते समाप्त किया जा सके और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित रहे. उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों में प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने में मदद करते हैं और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करने का अवसर देते हैं.

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