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भारत माला हाईवे प्रोजेक्ट में मुआवजा घोटाले पर ED का शिकंजा, छापों में कैश, 37 किलो चांदी और अहम सबूत बरामद

जांच में ED को पता चला कि आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत जमीन के कागजों में बदलाव किया. खास तौर पर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी नोटिफिकेशन के बाद भी जमीन के मालिकाना हक को बदला गया, जो नियमों के खिलाफ है.

भारत माला हाईवे प्रोजेक्ट में मुआवजा घोटाले पर ED का शिकंजा, छापों में कैश, 37 किलो चांदी और अहम सबूत बरामद
भारत माला हाईवे प्रोजेक्ट में मुआवजा घोटाले पर ED का शिकंजा, छापों में कैश, 37 किलो चांदी और अहम सबूत बरामद
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छत्तीसगढ़ में भारतमाला योजना के तहत बन रहे रायपुर–विशाखापत्तनम हाईवे प्रोजेक्ट में मुआवजा घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने  छापेमारी करते हुए रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरूद के कुल 8 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया. इस कार्रवाई के दौरान करीब 66.9 लाख रुपये नकद, 37.13 किलो चांदी की ईंटें और चांदी के दूसरे सामान, डिजिटल डिवाइस और कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए, जो इस पूरे घोटाले की परतें खोल सकते हैं.

दरअसल, यह पूरा मामला जमीन अधिग्रहण के बदले दिए जाने वाले मुआवजे में गड़बड़ी से जुड़ा है. ED ने इस केस की जांच ACB और EOW रायपुर की ओर से दर्ज FIR के आधार पर शुरू की, जिसमें अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. FIR में आरोप है कि सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर कर अवैध तरीके से ज्यादा मुआवजा लिया गया.

 जमीन के कागजों में बदलाव कर हड़पा मुआवजा

जांच में ED को पता चला कि आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत जमीन के कागजों में बदलाव किया. खास तौर पर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी नोटिफिकेशन के बाद भी जमीन के मालिकाना हक को बदला गया, जो नियमों के खिलाफ है. इतना ही नहीं, नोटिफिकेशन जारी होने से पहले जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों के नाम पर मुआवजा लिया जा सके और रकम को बढ़ाया जा सके.

फर्जी और बदले हुए खसरा के आधार पर लिया मुआवजा

ED की जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी और बदले हुए खसरा रिकॉर्ड के आधार पर मुआवजा पास किया गया और उसे जारी भी कर दिया गया. यानी कागजों में हेरफेर कर मुआवजे की रकम को फर्जी फर्जी तरीके से बढ़ाया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और आरोपियों को गैरकानूनी फायदा मिला. जांच एजेंसी के मुताबिक, यह अतिरिक्त मुआवजा ही  अपराध से कमाई संपत्ति के दायरे में आता है.

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फिलहाल, ED इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितनी बड़ी रकम का घोटाला हुआ है. आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है, साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कैसे सरकारी योजनाओं में भी मिलीभगत कर सिस्टम का दुरुपयोग किया जाता है और जांच एजेंसियां अब ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही हैं.

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