Datia Vidhan Sabha Upchunav 2026: दतिया विधानसभा सीट उपचुनाव 2026 सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की दो सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों की प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है. चुनाव आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं तो कांग्रेस और बीजेपी भी अपने-अपने प्रत्याशियों के चयन और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गई हैं. कांग्रेस अगले एक दो दिन में उम्मीदवार घोषित करने की तैयारी में है, जबकि बीजेपी में एक बार फिर डॉ. नरोत्तम मिश्रा सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं.
दरअसल, दतिया विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव (Datia Upchunav 2026) चर्चाओं के साथ-साथ रोचक भी है, क्योंकि वर्ष 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को परास्त किया था. अप्रैल में दिल्ली की एक अदालत ने राजेंद्र भारती को 2 साल से अधिक की सजा सुनाई. परिणाम स्वरूप इस स्थान को रिक्त घोषित कर दिया गया और अब यहां उपचुनाव हो रहा है.
दतिया उपचुनाव बीजेपी के लिए यह 2023 की हार का हिसाब बराबर करने का मौका है, जबकि कांग्रेस के सामने अपनी जीती हुई सीट बचाने की चुनौती है. दूसरी ओर राजनीतिक दलों ने भी अपने चुनावी समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने की बैठक
उपचुनाव की तैयारियों को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की. जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
एक-दो दिन में उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है कांग्रेस
कांग्रेस उम्मीदवार चयन के अंतिम दौर में पहुंच चुकी है. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के दतिया दौरे के बाद जिला संगठन से रिपोर्ट मंगाई गई है और वरिष्ठ नेताओं से भी राय ली गई है. प्रत्याशियों की दौड़ में राजेंद्र भारती की पत्नी का नाम सबसे आगे चल रहा है, जबकि अवधेश नायक और घनश्याम सिंह भी दावेदारों की सूची में हैं. अगले एक-दो दिन में कांग्रेस प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर सकती है.
नरोत्तम मिश्रा पर ही दांव लगा सकती है BJP
दूसरी ओर बीजेपी भी उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन में जुटी है. पार्टी की ओर से पूर्व गृह मंत्री व वरिष्ठ और कद्दावर नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. नरोत्तम मिश्रा 2018 में दतिया से विधायक बने थे, लेकिन 2023 में उन्हें इसी सीट पर कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार मिली थी. हालांकि, नरोत्तम मिश्रा के प्रत्याशी बनाए जाने की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन संगठन दावा कर रहा है कि दतिया में भाजपा रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करेगी.
इस उपचुनाव में कांग्रेस-भाजपा की प्रतिष्ठा जुड़ी
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह उपचुनाव दोनों दलों की प्रतिष्ठा से जुड़ चुका है. 2023 में नरोत्तम मिश्रा की हार बीजेपी के लिए बड़ा झटका थी. ऐसे में यदि पार्टी एक बार फिर उन पर दांव लगाती है तो यह उनके राजनीतिक भविष्य की भी बड़ी परीक्षा होगी. पिछले ढाई वर्षों से नरोत्तम मिश्रा लगातार दतिया में सक्रिय हैं और स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.
आजाद समाज पार्टी भी मैदान में
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सत्यप्रकाश शर्मा का कहना है कि दतिया की चुनावी तस्वीर में जातीय समीकरण भी अहम भूमिका निभाएंगे. इस सीट पर ब्राह्मण, कुशवाहा, यादव और दलित मतदाता निर्णायक माने जाते हैं. वहीं, आजाद समाज पार्टी की एंट्री मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश जरूर कर रही है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यादव वोटों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का असर बीजेपी को फायदा पहुंचा सकता है.
दतिया में कांग्रेस का किस पर दांव?
शोभा भारती (सबसे प्रबल दावेदार), राजेन्द्र भारती की पत्नी हैं और महिला उम्मीदवार होने का सहानुभूति फैक्टर.
घनश्याम सिंह
- दतिया से पूर्व विधायक रहे हैं. बाद में सेवढ़ा से विधायक रहे और 2023 में सेवढ़ा से चुनाव हारे.
अवधेश नायक
पहले भाजपा में रहे, 2023 में कांग्रेस में शामिल हुए और 2023 में पहले कांग्रेस टिकट मिला, बाद में टिकट बदला गया
अनुज भारती
- पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के पुत्र. युवा चेहरा हैं और हाल ही में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद चर्चा में आए.
दतिया उपचुनाव का कार्यक्रम
- 13 जुलाई - नामांकन की अंतिम तारीख
- 14 जुलाई - नामांकन पत्रों की जांच
- 16 जुलाई - नाम वापसी की अंतिम तारीख़
- 30 जुलाई - मतदान
- 3 अगस्त - मतगणना
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