Jabalpur Cruise Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में क्रूज हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन दो लोग अभी भी लापता बता जाए जा रहे हैं. बरगी डैम (Bargi Dam) में गुरुवार शाम को हुए हादसे के दौरान क्रूज में 40 से ज्यादा लोग सवार थे. इस दौरान 28 लोगों को बचा लिया था, जिसमें वर्मा परिवार के 9 लोग भी शामिल है. वह एक साल के बेटे का जन्मदिन मनाने गए थे. करीब पैंतीस मिनट का समय मौज मस्ती के साथ क्रूज पर बिताया, लेकिन जब आंधी-तूफान आया तो आखिरी के 10 मिनट का मंजर याद कर पूरा परिवार सिहर जाता है. क्रूज के डूबने के दौरान किसी तरह पूरा परिवार बच निकलने में सफल रहा और घर पर सकुशल है.
परिवार ने एक-दूसरे को ऐसे संभाला
जबलपुर का वर्मा परिवार एक साल के बेटे कियान का जन्मदिन मनाने गया था. रौशन आनंद वर्मा अपने एक साल के कियान के बेटे के लिए क्रूज का सफर कर रहे थे. पूरा परिवार बच्चे के पहने जन्मदिन की खुशी में झूम रहा था, लेकिन जैसे ही क्रूज ने तेज आंधी तूफान में अपना संतुलन खोया, वैसे ही सहम उठे. इस दौरान परिवार के सदस्यों ने एक-दूसरे को बचाने के लिए हिम्मत दिखाई, जो एक बहादुरी की मिसाल बनी है.
रौशन के जीजा के बेटे करण ने अपनी जान की परवाह किए बिना लड़खड़ाते क्रूज में ऊपर जाकर तीन बार लाइफ जैकेट लाकर यात्रियों को बांटी. एक साल का कियान भी करण की मां के हाथों में था, जिसे वे पानी की सतह के ऊपर संभाले रहीं.

डूबते समय बिखर गया था परिवार
क्रूज डूबते समय परिवार के सभी लोग बिखर गए. एक साल के कियान को पुलिस विभाग के आला अधिकारी लेकर अस्पताल पहुंचे. वहीं, रौशन लोगों को बचाने के लिए क्रूज पर सवार रहे. अब सारा परिवार सकुशल है और एक साथ है, लेकिन सभी प्रशासनिक बदइंतजामी और लापरवाह व्यवस्था पर बेहद शर्मिंदगी है. उस समय के मंजर को बताते हुए आनंद और सविता बताते हैं कि उस दौरान अगर वे बहादुरी नहीं दिखाते और लाइफ जॉकेट न लाते तो किसी को भी बचा पाना मुश्किल था.

क्रूज स्टाफ छोड़कर भाग गया
परिवार ने क्रूज स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि क्रूज यात्रा के लिए फिट नहीं था और स्टाफ किसी तरह से ट्रेंड (प्रशिक्षित) नहीं था. किसी के पास कोई दिशा निर्देश नहीं थे, बल्कि क्रूज चालकों ने इस हालत में उन्हें क्रूज में छोड़कर भागना मुनासिब समझा. रौशन बताते हैं कि अगर समय पर सभी को लाइफ जैकेट मिल जाती और पैनिक होने से बचा लिया जाता, यानी जानकारी उपलब्ध करा दी जाती कि ऐसे हाल में करना क्या है तो सभी को बचाया जा सकता था. परिवार का कहना है कि हादसे को लेकर छोटे लोगों पर कार्रवाई न होकर बड़े और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए.
दो बच्चों के शव शनिवार को मिले, कुल 11 की मौत
बरगी डैम में 30 अप्रैल की शाम हुए इस हादसे के 48 घंटे बाद रेस्क्यू टीम को दो और बच्चों के शव मिले. रेस्क्यू टीम रविवार को भी अपने काम में जुटी हुई है. हादसे में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है. मृतक बच्चों की पहचान विराज सोनी (6 वर्ष) पिता कृष्णा सोनी और तमिल (6 साल) पिता कमराज के रूप में हुई है.
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