उत्तराखंड के नैनीतल को झीलों का शहर भी कहते हैं, यहां एक ऐसी झील है जो रहस्यमयी है. घने जंगलों और ऊंचे पहाड़ों के बीच परीताल झील रहस्यमयी मौजूद है. इस जगह पर चारों तरफ फैली हरियाली, शांत वातावरण और झरनों की आवाज प्राकृति से जुड़े लोगों को अपनी ओर जोड़ लेती है. ऐसी मान्यता है कि परीताल में परियां रहती है, लेकिन लोगों ने सब लोककथाओं में सुना है देखा किसी ने नहीं है. जगह रहस्यमयी होने के कारण लोग भी यहां कम ही आते है.
परीताल में पूर्णिमा की रात उतरती है परियां
इस जगह को लेकर लोक मान्यताएं है कि परीताल में हर पूर्णिमा की चांदनी रात में परियां उतरती हैं और इस ताल के अंदर स्नान करती है. यही वजह है कि इस झील का नाम परी ताल पड़ गया. नैनीताल में रहने वाले लोग आज भी इस मान्यता का सम्मान करते हैं. इसके अलावा, पूर्णिमा के समय गांव के लोग इस जगह पर आने के लिए परहेज करते हैं और बाहरी लोगों को भी आने के लिए मना करते हैं. अगर आप नैनीताल में परीताल का जिक्र करोगे तो लोगों से इस लोककथा के बारे में सुनने को मिल जाएगा. यहां की कहानी लोगों के बीच आकर्षण का बड़ा कारण बन चुकी है.
दिल्ली से कैसे पहुंचे परीताल
अगर आप भी परीताल आने का प्लान कर रहे हैं तो दिल्ली से गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, रुद्रपुर, हल्द्वानी, नैनीताल आ सकते हैं फिर इसके बाद यहां से भीमताल, धानाचूली मार्ग होते हुए चावी गांव आना होता है. चावी गांव से करीब 3 से 5 किलोमीटर का पैदल ट्रेक करते हुए आप जंगल के रास्ते परीताल तक पहुंच सकते हैं. बता दें कि जिन लोगों को एडवेंचर पसंद है यह जगह उनके लिए बहुत सही है.
यह भी पढ़ें: दक्षिण भारत के पवित्र धामों की यात्रा का है प्लान? IRCTC लेकर आया खास टूर पैकेज, जानें जरूरी डिटेल्स
परीताल के रास्ते मिलेगा ब्रिटिशकाल का पुल
इसके अलावा बता दें कि जब आप ट्रेकिंग करते हुए जंगल के रास्ते परीताल जा रहे होंगे तो आप को बीच में एक ब्रिटिशकाल का एक पुराना पुल भी पड़ेगा. यहां के लोगों का कहना है कि इस पुल का निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था. परीताल जाने वाले लोग इस पुल पर ठहरकर तस्वीरें लेना नहीं भूलते हैं. जंगलों के बीच इस ऐतिहासिक पुल का अलग ही रूप है.
सबसे बड़ा रहस्य ताल की गहराई
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर परीताल बात करें तो सबसे बड़ा रहस्य इस ताल की गहराई है. आज तक का रिकॉर्ड है कि कोई भी इसकी गहराई का पता नहीं लगा पाया है. यही वजह है कि यह ताल लोगों के बीच रहस्य और रोमांच का केंद्र बना हुआ है. गांव वालों की कहानी की वजह से लोग आज भी इस ताल में नहाने या गहरे पानी में जाने से खुद और दुसरों को बचाते है. इसके अलावा बता दें कि अगर आप परीताल जाते हैं तो आप देखेंगे कि चारों तरह काली चट्टानें दिखाई देगी. गांव में रहने वाले लोग इन्हें शिलाजीत युक्त चट्टनें मानते हैं.
यह भी पढ़ें: Amrit Udyan: आज से आम जनता के लिए खुला अमृत उद्यान, विजिटर्स को मिलेंगी ये सुविधाएं, जानिए टाइमिंग समेत पूरी डिटेल्स
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं