Rote hue bacche ko kaise shant karen: छोटे बच्चों का रोना काफी ज्यादा आम बात है. कभी वे भूख की वजह से रोते हैं, कभी नींद न आने पर चिड़चिड़े हो जाते हैं, तो कई बार सिर्फ गोद में उठाए जाने की इच्छा से भी रो पड़ते हैं. इसके अलावा कई बार बच्चा नॉन-स्टॉप रोता है जिससे कभी-कभार माताएं भी काफी ज्यादा परेशान हो जाती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसी स्थिति में पिता के एक छोटे से काम से बच्चा मिनटों में शांत हो सकता है. हाल ही में पीडियाट्रिशियन और पेरेंटिंग कोच डॉक्टर अनुराधा एचएस ने ऐसा एक आसान तरीका बताया है जिसकी मदद से रोते बच्चे को बहुत ही आसानी से चुप कराया जा सकता है. आइए जानते हैं...
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स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट
डॉक्टर अनुराधा बताती हैं कि रोते बच्चे को मिनटों में शांत कराने के लिए पिता अपने बच्चे को गोद में ले सकते हैं. दरअसल, पिता और बच्चे के स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट से बच्चा बहुत ही जल्दी शांत होता है. इस तरीके को कंगारू केयर कहा जाता है. साथ ही इससे बच्चे को भी कई बेहतरीन फायदे मिलते हैं. आइए जानते हैं इन फायदों के बारे में...
1. रेगुलेट टेंपरेचरपिता और बच्चे के स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट यानी कंगारू केयर से बच्चे की बॉडी का तापमान नियंत्रित रहता है और वह खुद को शांत महसूस करते हैं.
2. हार्ट रेटपीडियाट्रिशियन के अनुसार स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट से बच्चे का हार्ट रेट, ब्रीदिंग रेट, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर सही रहता है.
3. इम्यूनिटी होती है मजबूतकंगारू केयर से पिता के हेल्दी बैक्टीरिया बच्चे में ट्रांसफर होते हैं जिससे इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होती है. साथ ही इससे गट हेल्थ भी हेल्दी रहती है.
4. हेल्दी ब्रेनडॉक्टर अनुराधा बताती हैं कि स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट दिमाग के स्वस्थ विकास में मदद करता है और न्यूरॉन्स के बीच कनेक्शन को मजबूत बनाता है. परिणामस्वरूप इससे ब्रेन हेल्थ हेल्दी रहती है.
5. अच्छी नींदपापा से बच्चे को फीडिंग की उम्मीद नहीं होती, इसलिए उनकी गोद में बच्चे ज्यादा देर तक और ज्यादा आराम से सो पाते हैं.
6. पिता का स्ट्रेस होता है कमस्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट से पिता की बॉडी में कॉर्टिसोल का लेवल कम होता है जिससे तनाव-स्ट्रेस कम हो जाता है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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