
Parenting Tips: बहुत सी मां यह शिकायत करती हैं कि मेरा बच्चा सिर्फ मुझे काटने की कोशिश क्यों करता है. जब भी मां बच्चे को किसी काम के लिए मना करती हैं तो वह गुस्से में काटने के लिए दौड़ता है. बच्चे के इस व्यवहार को लेकर ही पीडियाट्रिशियन डॉ. माधवी भारद्वाज का कहना है कि यह आपके आस-पास के लोगों की गलती की वजह से होता है. जब बच्चे ने आपको किसी चीज को मांगने के लिए काटा होगा (Baby Bites) और किसी दूसरे ने उसकी यह जिद पूरी की होगी तो बच्चे को लग गया होगा कि इस तरह आपको काटकर वह अपनी कोई भी जिद पूरी करवा सकता है. इसीलिए काटना बच्चे की आदत बन जाता है. अब इस आदत को कैसे दूर किया जाए और कैसे बच्चे के इस काटने वाले व्यवहार को हैंडल किया जाए यह बता रही हैं डॉक्टर. आइए जानते हैं डॉक्टर की क्या है सलाह.
कैसे रोकें बच्चे का काटना
डॉक्टर ने बताया कि जब बच्चा आपको काटता है और कोई उसकी जिद कोई पूरी कर देता है तो बच्चे को समझ आ जाता है कि उसके काटने से उसकी हर जिद पूरी हो जाएगी. इसे इंस्टेंट ग्राटिफिकेशन कहते हैं. डॉक्टर ने समझाया कि जब बच्चे के दांत निकल रहे होते हैं और तब भी वह अगर आपको काटता है और आप रिएक्ट कर देते हैं तो बच्चा यह सिग्नल कैच करता है और आपको और ज्यादा काटता है. इसीलिए बच्चे के इस पहली-दूसरी बार काटने के समय किसी भी तरह का कोई रिएक्शन ना दें.
बच्चा जब आपको काटे तो आप उसे आराम से और प्यार से समझाएं कि ऐसा मत करो दर्द होता है, ऐसा नहीं करते हैं. बच्चे को टीदर दें और जब बच्चा टीदर को काटे तो उसपर हंसें, लेकिन जब बच्चा आपको काटे तो किसी भी तरह से रिएक्ट ना करें.
बच्चे के इमोशंस इस समय डेवलप्ड नहीं होते और ना ही समझ आते हैं, ऐसे में बच्चे को लगता है कि जिस भी चीज पर उसे सबसे ज्यादा रिएक्शन (Reaction) मिल रहा है वो वही काम करे. साथ ही, प्यार से भी बच्चे को यह ना कहें कि उंगली काटकर दिखाओ या ये लो हाथ काट लो. यहीं से बच्चे को काटने की आदत लगती है. इसीलिए शुरुआत में ही संभल जाना चाहिए.
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