उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) की और से आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) का रिजल्ट 26 अगस्त को जारी किया गया था. आधिकारिक नतीजों में 13 लाख से अधिक उम्मीदवार पास हुए हैं. लेकिन इसके साथ ही एक बड़े वर्ग को तगड़ा झटका लगा था. परीक्षा में शामिल हुए लगभग 60 हजार उम्मीदवारों का रिजल्ट आयोग ने ‘अस्वीकृत' यानी रिजेक्ट कर दिया था. रिजल्ट जारी होने के बाद से ही कई उम्मीदवार परीक्षा परिणाम, ओएमआर (OMR) रिजेक्शन और नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया को लेकर असंतोष व्यक्त कर रहे है. इस विवाद के बीच आयोग कार्यालय पर कई उम्मीदवार अपनी शिकायत लेकर पहुंचे. इसके अलावा रजिस्टर्ड डाक और ई-मेल के जरिए भी लगातार अपनी आपत्तियां भेज रहे हैं. यहां तक की कई जगहों पर उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन भी किया.
पांच सदस्यीय विशेष समिति का गठन
मामले की गंभीरता और उम्मीदवारों के असंतोष को देखते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने पांच सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है. आयोग के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह गठित समिति उम्मीदवारों से प्राप्त सभी आपत्तियां के प्रत्येक पहलू का गहराई से परीक्षण करेगी. समिति अपना गहन परीक्षण पूरा करने के बाद अपनी रिपोर्ट आयोग को देगी.
उम्मीदवार आयोग से कर सकते हैं संपर्क
आयोग ने सभी उम्मीदवारों से शांति बनाए रखने और अपनी शिकायतें आधिकारिक माध्यम से दर्ज कराने की अपील की है. कोई भी उम्मीदवार जो आयोग से संपर्क करना चाहता है या अपने परिणाम से संबंधित कोई आपत्ति दर्ज कराना चाहता है,वह upessc.prayagraj@gmail.com पर उसे भेज सकता है.
गौरतलब है कि UPTET 2026 की परीक्षा जुलाई महीने में आयोजित की गई थी. जिसमें राज्य भर से लाखों परीक्षार्थी शामिल हुए थे. परिणाम की घोषणा के बाद नॉर्मलाइजेशन में अंकों के फेरबदल और ओएमआर शीट खारिज होने जैसे मुद्दों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था. अब आयोग की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के बाद ही इस विवाद का अंतिम समाधान हो सकेगा.
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