भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर काफी चर्चा हो रही है. एक रिपोर्ट में उनके कामकाज और चुनाव आयोग में असहमति को लेकर कई तरह के खुलासे किए गए हैं. ऐसे में ज्ञानेश कुमार को लेकर लोगों में काफी दिलचस्पी बढ़ गई है और वो जानना चाहते हैं कि आखिर उनका पूरा करियर कैसा रहा और कैसे वो चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त के पद तक पहुंचे. आज हम आपको उनकी एजुकेशन से लेकर करियर से जुड़ी तमाम बातें बताएंगे, साथ ही ये भी बताएंगे कि उन्होंने देश में कहां-कहां काम किया है.
कौन हैं ज्ञानेश कुमार?
ज्ञानेश कुमार मूल रूप से आगरा से आते हैं. उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई लखनऊ के कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज से पूरी की, जिसके बाद इंजीनियरिंग का एग्जाम दिया और फिर आईआईटी कानपुर में एडमिशन मिल गया. उन्होंने 1985 में IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में B.Tech किया. इस दौरान उनका प्रदर्शन काफी शानदार था और इसके लिए उन्हें IIT की तरफ से अवॉर्ड भी दिया गया.
UPSC क्रैक कर बने IAS
ज्ञानेश कुमार ने पढ़ाई पूरी करने के बाद UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी और 1988 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी बने. इस दौरान उन्होंने केरल में कई अहम पदों पर काम संभाला. आर्टिकल 370 हटने के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख मामलों के अतिरिक्त सचिव के तौर पर काम किया. इसके बाद केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव के तौर पर काम किया.
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रिटायरमेंट के बाद बने CEC
ज्ञानेश कुमार जनवरी 2024 में रिटायर हो चुके थे, लेकिन इसके बाद सरकार ने उन्हें मार्च 2024 में चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्त कर दिया. इसके बाद साल 2025 में उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त बना दिया गया. फिलहाल वो इस पद पर रहते हुए विवादों में हैं और विपक्ष भी लगातार उन्हें घेरने की कोशिश कर रहा है.
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