यूपीटीईटी 2026 की परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों का इंतजार अब आधिकारिक सर्टिफिकेट पर जाकर टिक गया है. नतीजे जारी होते ही उम्मीदवारों के मन में सबसे पहला सवाल यही है कि उन्हें ये प्रमाण पत्र कहां से मिलेगा और इसकी मान्यता कितने समय तक रहेगी. अगर आप भी पुराने नियमों को लेकर किसी तरह के असमंजस में हैं, तो चलिए आसान भाषा में समझते हैं सर्टिफिकेट की वैधता, इसे हासिल करने की पूरी प्रक्रिया और शिक्षक भर्ती में इसके इस्तेमाल से जुड़े अहम नियम.
अब कितने समय तक मान्य रहेगा UPTET सर्टिफिकेट?
NCTE ने 9 जून 2021 को शिक्षक पात्रता परीक्षा के नियमों में बड़ा सुधार किया था. नए आदेश के मुताबिक, अब UPTET पास करने वाले उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट की वैधता आजीवन यानी लाइफटाइम कर दी गई है.पहले ये सर्टिफिकेट केवल 5 या 7 साल के लिए मान्य होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है. NCTE की गाइडलाइन के मुताबिक ये नियम पुराने क्वालिफाइड उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट्स पर भी समान रूप से लागू होता है. एक बार परीक्षा पास कर लेने के बाद अभ्यर्थियों को सर्टिफिकेट रिन्यू कराने या दोबारा UPTET में बैठने की मजबूरी खत्म हो गई है.
कब और कहां से मिलेगा सर्टिफिकेट
रिजल्ट आने के लगभग 30 दिनों के भीतर सफल अभ्यर्थियों के स्कोरकार्ड और सर्टिफिकेट तैयार कर दिए जाते हैं. आयोग की तरफ से सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेज उनके संबंधित जिले के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) को भेजे जाते हैं. उम्मीदवारों को अपने जिले के डाइट कार्यालय जाकर अपने जरूरी पहचान पत्रों की वेरिफिकेशन करानी होती है, जिसके बाद उन्हें सर्टिफिकेट सौंप दिया जाता है. विभाग की तरफ से जिला स्तर पर वितरण शुरू होने की सूचना जारी की जाती है, इसलिए स्थानीय डाइट की नोटिस बोर्ड या आधिकारिक अपडेट्स देखते रहें.
किस लेवल से मिलेगी किस कक्षा में पढ़ाने की पात्रता?
UPTET की परीक्षा दो मुख्य वर्गों में आयोजित की जाती है और उम्मीदवार को उसके पास किए गए पेपर के आधार पर ही पात्रता मिलती है.
प्राइमरी लेवल (पेपर-1): कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए
अपर प्राइमरी/जूनियर लेवल (पेपर-2): कक्षा 6 से 8 तक के अध्यापकों के लिए
बता दें कि UPTET केवल एक पात्रता परीक्षा है, ये सीधे नौकरी की गारंटी नहीं देती. सरकारी स्कूल में शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित विभाग की तरफ से निकाली जाने वाली भर्ती के लिए अलग से आवेदन करना होगा. वहां उम्र सीमा, शैक्षणिक योग्यता और चयन प्रक्रिया के अन्य मानकों को पूरा करना अनिवार्य रहेगा.
क्या स्कोर सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकते हैं?
सर्टिफिकेट की वैधता लाइफटाइम होने का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि दोबारा परीक्षा देने पर रोक लगा दी गई है. अगर कोई अभ्यर्थी अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं है और अपने स्कोर में सुधार करना चाहता है, तो वो आने वाली UPTET परीक्षाओं में शामिल हो सकता है.
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