प्रतीकात्मक तस्वीर
रांची:
झारखंड की राजधानी रांची के बुंडू इलाके में प्रसिद्ध दशम झरने के निकट हाथीतोपा में 17 जंगली हाथियों के एक समूह ने उन्हें खदेड़ने का प्रयास कर रहे एक युवक को मंगलवार को कुचल कर मार डाला.
पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि हाथियों के एक समूह ने रांची-जमशेदपुर मार्ग पर दशम झरने के निकट हाथी तोपा में दो दिनों से डेरा डाल रखा था और स्थानीय ग्रामीणों के खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा रहा था. हाथियों को भगाने के प्रयास में जुटे ग्रामीणों ने जब मंगलवार को उन्हें जंगल में खदेड़ने का प्रयास किया तो एक हाथी ने उन्हें पलट कर दौड़ा दिया.
हाथी से बचने के लिए भाग रहे ग्रामीणों में से चौबीस वर्षीय अक्षय कुमार महतो समीप के गड्ढे में गिर गया जिसे हाथियों ने घेर लिया और कुचल-कुचल कर मार डाला. स्थानीय ग्रामीणों ने अक्षय को बचाने के लिए हाथियों को वहां से भगाने का भरसक प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हो सके. घटना से नाराज ग्रामीणों ने रांची-जमशेदपुर मार्ग जाम कर हाथियों को वहां से भगाने और अक्षय के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की.
बाद में वहां पहुंचे अधिकारियों के समझाने बुझाने पर भी ग्रामीण नहीं माने लेकिन हाथी भगाओ दल के बुलाये जाने और उनकी मदद से जंगली हाथियों को भगाये जाने के बाद ही उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग से जाम हटाया. इस बीच मार्ग पर दोनों ओर कई किलोमीटर तक जाम लग गया था. वन विभाग ने नियमानुसार तत्काल अक्षय के परिजनों को मुआवजा भी दिया.
झारखंड के सारंडा के जंगल भारत में एशियाई हाथियों के प्रमुख निवास स्थानों में से एक है. हाथी यहां अनेक मार्गो से होकर छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा तक विचरण करते हैं. उनके विचरण मार्गों में मानवीय अतिक्रमण से यहां अक्सर मानव-हाथी भिड़ंत की घटनाएं होती रहती हैं.
पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि हाथियों के एक समूह ने रांची-जमशेदपुर मार्ग पर दशम झरने के निकट हाथी तोपा में दो दिनों से डेरा डाल रखा था और स्थानीय ग्रामीणों के खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा रहा था. हाथियों को भगाने के प्रयास में जुटे ग्रामीणों ने जब मंगलवार को उन्हें जंगल में खदेड़ने का प्रयास किया तो एक हाथी ने उन्हें पलट कर दौड़ा दिया.
हाथी से बचने के लिए भाग रहे ग्रामीणों में से चौबीस वर्षीय अक्षय कुमार महतो समीप के गड्ढे में गिर गया जिसे हाथियों ने घेर लिया और कुचल-कुचल कर मार डाला. स्थानीय ग्रामीणों ने अक्षय को बचाने के लिए हाथियों को वहां से भगाने का भरसक प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हो सके. घटना से नाराज ग्रामीणों ने रांची-जमशेदपुर मार्ग जाम कर हाथियों को वहां से भगाने और अक्षय के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की.
बाद में वहां पहुंचे अधिकारियों के समझाने बुझाने पर भी ग्रामीण नहीं माने लेकिन हाथी भगाओ दल के बुलाये जाने और उनकी मदद से जंगली हाथियों को भगाये जाने के बाद ही उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग से जाम हटाया. इस बीच मार्ग पर दोनों ओर कई किलोमीटर तक जाम लग गया था. वन विभाग ने नियमानुसार तत्काल अक्षय के परिजनों को मुआवजा भी दिया.
झारखंड के सारंडा के जंगल भारत में एशियाई हाथियों के प्रमुख निवास स्थानों में से एक है. हाथी यहां अनेक मार्गो से होकर छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा तक विचरण करते हैं. उनके विचरण मार्गों में मानवीय अतिक्रमण से यहां अक्सर मानव-हाथी भिड़ंत की घटनाएं होती रहती हैं.