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This Article is From Aug 02, 2017

झारखंड में धर्मांतरण विधेयक 2017 को कैबिनेट ने दी हरी झंडी, कैद और जुर्माने का प्रावधान

एक सरकारी प्रवक्ता ने यहां बताया कि मंत्रिमंडल ने ‘झारखण्ड धर्म स्वतंत्र विधेयक, 2017’ के प्रारूप को आज अनुमोदित कर दिया.

झारखंड में  धर्मांतरण विधेयक 2017 को कैबिनेट ने दी हरी झंडी, कैद और जुर्माने का प्रावधान
फाइल फोटो
  • झारखंड में धर्मांतरण विधेयक 2017 को कैबिनेट ने दी मंजूरी
  • जुर्माने और कैद की सजा का प्रावधान
  • बीजेपी ने किया विधेयक का स्वागत
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नई दिल्ली: झारखंड में एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ‘झारखण्ड धर्म स्वतंत्र विधेयक, 2017’ के प्रारूप को आज अनुमोदित कर दिया गया है. इस विधेयक की धारा 3 में बल पूर्वक धर्मांतरण निषिद्ध किया गया है.  भारतीय जनता पार्टी ने धर्मातरण का निषेध करने वाले ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2017’ का स्वागत करते हुए कहा कि जबरन धर्मातरण राष्ट्रविरोधी गतिविधि है और इसे हर हाल में रोका जाना चाहिए. झारखंड प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री सह मुख्यालय प्रभारी दीपक प्रकाश ने कहा कि पार्टी आज राज्य मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत नये धर्मांतरण निरोधी विधेयक का स्वागत करती है क्योंकि इससे राष्ट्र और विषेषकर आदिवासी संस्कृति की रक्षा हो सकेगी.

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उन्होंने कहा कि झारखंड में पूर्व में आदिवासियों और शोषितों के बड़े पैमाने पर प्रलोभन एवं जोरजबर्दस्ती से धर्म परिवर्तन का इतिहास रहा है जिसे देखते हुए ऐसे कानून की लंबे समय से आवश्यकता थी.  प्रकाश ने कहा कि पूर्व के कानून की कमियों का लाभ उठाकर राज्य में अभी भी बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था. उन्होंने कहा कि जबरन धर्म परिवर्तन देश की संस्कृति से खिलवाड़ है और यह पूरी तरह राष्ट्रविरोधी कार्य है. 

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इनपुट : भाषा

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