
राजकोट:
रविंद्र जडेजा की अगुवाई में बीच के ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी और शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान से गुजरात लायन्स ने आईपीएल-9 में खेल रही दो नई टीमों के बीच के मुकाबले में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स को सात विकेट से हराकर अपना विजय अभियान जारी रखा।
महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना दो अक्टूबर 2006 के बाद पहली बार किसी मैच में एक-दूसरे के आमने-सामने थे और ऐसे में सभी की निगाहें चेन्नई सुपरकिंग्स के पूर्व खिलाड़ियों के बीच होने वाली इस जंग पर टिकी थी। धोनी ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन मैच में रैना के रणबांकुरों ने बाजी मारी।
बल्लेबाजी में मैक्कुलम और फिंच ने गुजरात को अपेक्षित शुरुआत दिलाई। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने आरपी सिंह पर दो छक्के लगाकर खांडेरी स्टेडियम में दर्शकों को रोमांचित किया। रविचंद्रन अश्विन ने कसा हुआ ओवर किया, लेकिन पावरप्ले का आखिरी ओवर करने आए लेग स्पिनर मुरुगन अश्विन का फिंच ने चार चौकों से स्वागत किया, जिससे छह ओवर के बाद स्कोर बिना किसी नुकसान के 62 रन हो गया।
शुरू में सतर्क होकर खेलने वाले फिंच ने रजत भाटिया के ओवर में दो छक्के लगाए और फिर 33 गेंदों पर अपना लगातार दूसरा अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसके तुरंत बाद वह मुरुगन अश्विन की गेंद पर डीप स्क्वायर लेग पर कैच दे बैठे। उन्होंने सात चौके और दो छक्के लगाए। मुरुगन अश्विन ने 31 रन देकर दो विकेट लिए।
अर्धशतक से चूके मैक्कुलम
मैक्कुलम अर्धशतक बनाने से चूक गए। वह आर अश्विन पर चौका और छक्का लगाकर अर्धशतक के करीब पहुंचे थे। इस बीच धोनी ने उन्हें स्टंप आउट करने का मौका भी गंवाया, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए और इशांत शर्मा की गेंद पर लंबा शॉट लगाने के प्रयास में गेंद हवा में लहरा गए। उनकी पारी में तीन चौके और इतने ही छक्के शामिल हैं। मैक्कुलम जब आउट हुए तब गुजरात को 41 गेंदों पर 44 रन की जरुरत थी और धोनी का कोई भी दांव नहीं चल रहा था। रैना और ब्रावो ने सहजता से रन बटोरे। ब्रावो ने इशांत पर लगातार तीन चौके लगाकर उनका गेंदबाजी विश्लेषण बिगाड़ा और बाद में भाटिया पर छक्का जड़ा।
पुणे सुपरजायंट्स की पारी
गुजरात लायन्स के धीमी गति के गेंदबाजों के दम पर अच्छी वापसी करते हुए फाफ डु प्लेसिस की अर्धशतकीय पारी के बावजूद राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स को आईपीएल मैच में गुरुवार को यहां पांच विकेट पर 163 रन ही बनाने दिए।
पुणे ने पहले आठ ओवर में एक विकेट पर 76 रन बनाए थे और लग रहा था कि वह 200 रन के करीब पहुंच जाएगा, लेकिन इसके बाद अगले 11 ओवर में उसने केवल 67 रन बनाए और इस बीच चार विकेट गंवाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (10 गेंदों पर नाबाद 22) ने आखिरी ओवर में 20 रन जुटाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
इससे पहले डुप्लेसिस ने 43 गेंदों पर पांच चौकों और चार छक्कों की मदद से 69 रन बनाए और केविन पीटरसन (31 गेंदों पर 37 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 86 रन की साझेदारी की। गुजरात लायन्स की तरफ से रविंद्र जडेजा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट लिए। एक अन्य स्पिनर प्रवीण ताम्बे ने भी दो विकेट लिए, लेकिन उन्होंने इसके लिये 33 रन दिए।
टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी पुणे की शुरुआत भी अच्छी रही। अंजिक्य रहाणे (21) ने शुरू में कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन वह अपनी पारी लंबी नहीं खींच पाए और ताम्बे की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। इसके बाद डुप्लेसिस और पीटरसन ने अपनी ताकत और कौशल का नमूना पेश किया।
इसके बाद परिदृश्य बदल गया तथा डुप्लेसिस और पीटरसन यह तेजी बरकरार नहीं रख पाए। गुजरात ने बीच के ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी की। बीच में सात ओवरों (नौ से 15 ओवर) में केवल 45 रन बने और पीटरसन पवेलियन लौटे, जिन्हें ब्रावो ने बोल्ड किया। उन्होंने अपनी पारी में दो चौके और एक छक्का लगाया।
डुप्लेसिस ने ताम्बे पर चौका और छक्का जड़कर रन गति बढ़ाई, लेकिन फिर से आगे बढ़कर लंबा शॉट खेलने के प्रयास में वह स्टंप आउट हो गए। अगले तीन ओवरों में केवल नौ रन बने तथा इस बीच दो ऑस्ट्रेलियाई स्टीवन स्मिथ (पांच) और मिशेल मार्श (सात) भी पवेलियन लौटे। इस बीच जडेजा ने 17वें और 19वें ओवर में दो-दो रन दिये। धोनी ने ब्रावो के आखिरी ओवर में दो चौके और एक छक्का लगाकर टीम को 150 रन के पार पहुंचाया।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना दो अक्टूबर 2006 के बाद पहली बार किसी मैच में एक-दूसरे के आमने-सामने थे और ऐसे में सभी की निगाहें चेन्नई सुपरकिंग्स के पूर्व खिलाड़ियों के बीच होने वाली इस जंग पर टिकी थी। धोनी ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन मैच में रैना के रणबांकुरों ने बाजी मारी।
बल्लेबाजी में मैक्कुलम और फिंच ने गुजरात को अपेक्षित शुरुआत दिलाई। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने आरपी सिंह पर दो छक्के लगाकर खांडेरी स्टेडियम में दर्शकों को रोमांचित किया। रविचंद्रन अश्विन ने कसा हुआ ओवर किया, लेकिन पावरप्ले का आखिरी ओवर करने आए लेग स्पिनर मुरुगन अश्विन का फिंच ने चार चौकों से स्वागत किया, जिससे छह ओवर के बाद स्कोर बिना किसी नुकसान के 62 रन हो गया।
शुरू में सतर्क होकर खेलने वाले फिंच ने रजत भाटिया के ओवर में दो छक्के लगाए और फिर 33 गेंदों पर अपना लगातार दूसरा अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसके तुरंत बाद वह मुरुगन अश्विन की गेंद पर डीप स्क्वायर लेग पर कैच दे बैठे। उन्होंने सात चौके और दो छक्के लगाए। मुरुगन अश्विन ने 31 रन देकर दो विकेट लिए।
अर्धशतक से चूके मैक्कुलम
मैक्कुलम अर्धशतक बनाने से चूक गए। वह आर अश्विन पर चौका और छक्का लगाकर अर्धशतक के करीब पहुंचे थे। इस बीच धोनी ने उन्हें स्टंप आउट करने का मौका भी गंवाया, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए और इशांत शर्मा की गेंद पर लंबा शॉट लगाने के प्रयास में गेंद हवा में लहरा गए। उनकी पारी में तीन चौके और इतने ही छक्के शामिल हैं। मैक्कुलम जब आउट हुए तब गुजरात को 41 गेंदों पर 44 रन की जरुरत थी और धोनी का कोई भी दांव नहीं चल रहा था। रैना और ब्रावो ने सहजता से रन बटोरे। ब्रावो ने इशांत पर लगातार तीन चौके लगाकर उनका गेंदबाजी विश्लेषण बिगाड़ा और बाद में भाटिया पर छक्का जड़ा।
पुणे सुपरजायंट्स की पारी
गुजरात लायन्स के धीमी गति के गेंदबाजों के दम पर अच्छी वापसी करते हुए फाफ डु प्लेसिस की अर्धशतकीय पारी के बावजूद राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स को आईपीएल मैच में गुरुवार को यहां पांच विकेट पर 163 रन ही बनाने दिए।
पुणे ने पहले आठ ओवर में एक विकेट पर 76 रन बनाए थे और लग रहा था कि वह 200 रन के करीब पहुंच जाएगा, लेकिन इसके बाद अगले 11 ओवर में उसने केवल 67 रन बनाए और इस बीच चार विकेट गंवाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (10 गेंदों पर नाबाद 22) ने आखिरी ओवर में 20 रन जुटाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
इससे पहले डुप्लेसिस ने 43 गेंदों पर पांच चौकों और चार छक्कों की मदद से 69 रन बनाए और केविन पीटरसन (31 गेंदों पर 37 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 86 रन की साझेदारी की। गुजरात लायन्स की तरफ से रविंद्र जडेजा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट लिए। एक अन्य स्पिनर प्रवीण ताम्बे ने भी दो विकेट लिए, लेकिन उन्होंने इसके लिये 33 रन दिए।
टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी पुणे की शुरुआत भी अच्छी रही। अंजिक्य रहाणे (21) ने शुरू में कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन वह अपनी पारी लंबी नहीं खींच पाए और ताम्बे की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। इसके बाद डुप्लेसिस और पीटरसन ने अपनी ताकत और कौशल का नमूना पेश किया।
इसके बाद परिदृश्य बदल गया तथा डुप्लेसिस और पीटरसन यह तेजी बरकरार नहीं रख पाए। गुजरात ने बीच के ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी की। बीच में सात ओवरों (नौ से 15 ओवर) में केवल 45 रन बने और पीटरसन पवेलियन लौटे, जिन्हें ब्रावो ने बोल्ड किया। उन्होंने अपनी पारी में दो चौके और एक छक्का लगाया।
डुप्लेसिस ने ताम्बे पर चौका और छक्का जड़कर रन गति बढ़ाई, लेकिन फिर से आगे बढ़कर लंबा शॉट खेलने के प्रयास में वह स्टंप आउट हो गए। अगले तीन ओवरों में केवल नौ रन बने तथा इस बीच दो ऑस्ट्रेलियाई स्टीवन स्मिथ (पांच) और मिशेल मार्श (सात) भी पवेलियन लौटे। इस बीच जडेजा ने 17वें और 19वें ओवर में दो-दो रन दिये। धोनी ने ब्रावो के आखिरी ओवर में दो चौके और एक छक्का लगाकर टीम को 150 रन के पार पहुंचाया।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
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