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मेट्रो विस्तार और OBC आयोग को हरी झंडी, योगी कैबिनेट ने दी 12 अहम फैसले को मंजूरी

योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यूपी कैबिनेट की पहली बैठक में ओबीसी आरक्षण के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने का फैसला लिया गया. लोकतंत्र सेनानियों के लिए कैशलेस इलाज समेत 12 प्रस्तावों को यूपी मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दी है.

मेट्रो विस्तार और OBC आयोग को हरी झंडी, योगी कैबिनेट ने दी 12 अहम फैसले को मंजूरी
  • UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की पहली बैठक मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित हुई
  • कैबिनेट ने ओबीसी आरक्षण के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने और एमओयू को मंजूरी दी है
  • लखनऊ और आगरा मेट्रो विस्तार के लिए भूमि आवंटन सहित बारह प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है
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लखनऊ:

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई. मंत्रिमंडल विस्‍तार के बाद ये पहली कैबिनेट बैठक थी, जिसपर सबकी नजरें टिकी हुई थीं. यूपी कैबिनेट की इस बैठक में ओबीसी आरक्षण के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग,  एमओयू को मंजूरी, लखनऊ व आगरा मेट्रो विस्तार के लिए भूमि और लोकतंत्र सेनानियों को कैशलेस इलाज समेत 12 प्रस्‍तावों पर मुहर लगाई गई है. योगी कैबिनेट ने यूपी पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने का निर्णय कर बड़ी समस्‍या दूर कर दी है. 

कैबिनेट मीटिंग में नए ओबीसी आयोग को मंजूरी मिल गई है. अब ओबीसी आयोग ही यूपी पंचायत चुनाव में आरक्षण की सीमा को तय करेगा. यूपी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ओबीसी आयोग सभी 75 जिलों में बैठक, जातिवार और आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा के बाद ही आरक्षण संबंधी अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनाव आरक्षण की जो सिफारिशें आएंगी, उसके आधार पर आगे की चीजों को तय करेगा. 

विकास और निवेश के लिहाज से अहम फैसले

योगी मंत्रिमंडल के निर्णयों को आगामी वर्षों में प्रदेश के विकास और निवेश के लिहाज से अहम माना जा रहा है. बैठक में मिर्जापुर में 765/400 केवी क्षमता वाले विद्युत संकलन उपकेंद्र और उससे जुड़ी पारेषण लाइनों की स्थापना को स्वीकृति दी गई. करीब 2799.47 करोड़ रुपए की इस परियोजना से प्रदेश में उत्पादित बिजली की निकासी और आपूर्ति व्यवस्था अधिक मजबूत होगी.

1100 बेड वाले अत्याधुनिक आपात चिकित्सा केंद्र को मंजूरी 

योगी आदित्‍यनाथ का कहना है कि इससे घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली मिल सकेगी. साथ ही औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा. इस दौरान उन्होंने डॉक्टर राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के शहीद पथ स्थित नए परिसर में 1100 बेड वाले अत्याधुनिक आपात चिकित्सा केंद्र, शिक्षण भवन और बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) भवन के निर्माण को भी मंजूरी दी. लगभग 855 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस परियोजना से राजधानी समेत आसपास के जिलों के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी. इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

आगरा और लखनऊ में मेट्रो परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी

सरकार का मानना है कि मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल का विस्तार आवश्यक हो गया था. इससे प्रयागराज मंडल के कई जिलों के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी. बैठक में आगरा और लखनऊ में मेट्रो परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी. आगरा में दूसरे गलियारे के लिए मेट्रो स्टेशन और ऊपरी मार्ग निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण को स्वीकृति दी गई. वहीं, लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक पूर्व-पश्चिम गलियारे के निर्माण के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति दी गई. इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 5,801 करोड़ रुपए बताई गई है.

पशु चिकित्सा के विद्यार्थियों के प्रशिक्षण भत्ते में वृद्धि

बैठक में पशु चिकित्सा के विद्यार्थियों के प्रशिक्षण भत्ते में वृद्धि करने का निर्णय भी लिया गया. सरकार का कहना है कि इससे विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग मिलेगा और पशु चिकित्सा सेवाओं में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी.

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OBC आयोग के गठन को मंजूरी 

इसके अलावा त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण तय करने के लिए 'उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन को मंजूरी दी गई. आयोग पंचायतों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का अध्ययन कर आरक्षण संबंधी सुझाव देगा. आयोग में पांच सदस्य होंगे, जिनमें एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश को अध्यक्ष बनाया जाएगा. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए मिर्जापुर जिले में “सरदार पटेल एपेक्स विश्वविद्यालय” की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने को मंजूरी दी. यह विश्वविद्यालय चुनार तहसील के समसपुर गांव में स्थापित किया जाएगा.

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