यह ख़बर 05 जुलाई, 2014 को प्रकाशित हुई थी

यासीन भटकल ने महाराष्ट्र एटीएस से कहा, मुंबई धमाकों से संतोष मिला : सूत्र

फाइल फोटो

मुंबई:

मुंबई में साल 2011 में हुए सिलसिलेवार धमाकों के सिलसिले में गिरफ्तार इंडियन मुजाहिदीन के सह संस्थापक यासीन भटकल का कहना है कि इन धमाकों से संतुष्टि मिली। सूत्रों ने एनडीटीवी को यह जानकारी देते हुए बताया कि भटकल ने डीसीपी रैंक के अधिकारी को दिए इकबालिया बयान में यह बातें कही हैं।

सूत्रों के मुताहिक, भटकल ने अपने बयान में कहा कि मुंबई में धमाके करके उसने कोई अपराध नहीं किया और उसे इसका कोई अफसोस नहीं है।

पिछले साल बिहार से गिरफ्तार किए गए भटकल के साथी असादुल्ला अख्तर ने भी पुलिस के सामने यही बयान दिया है कि उसे धमाकों का कोई अफसोस नहीं है।

भटकल पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत आरोप लगाया गया है। इस कानून के तहत आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान को डीसीपी स्तर का अधिकारी दर्ज करता है।

अपने इकबालिया बयान में दोनों ने साल 2002 के गोधरा दंगों के प्रतिशोध में 2005 के बाद से विभिन्न जगहों पर किए गए धमाकों का ब्यौरा दिया है।

महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने भटकल और उसके सहयोगी अख्तर के खिलाफ 2011 के तिहरे विस्फोट मामले में 16 जून को 300 पृष्ठों का अनुपूरक आरोपपत्र दाखिल किया था।

महाराष्ट्र एटीएस ने दोनों को इस साल 5 फरवरी को गिरफ्तार किया था। इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने दोनों को हिरासत में लेने की एटीएस की मांग को मान लिया था।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


एटीएस के अनुसार 13 जुलाई 2011 को मुंबई के झावेरी बाजार, ओपेरा हाउस ओर कबूतरखाना में हुए विस्फोट की साजिश भटकल ने रची थी। इन विस्फोटों में 21 लोग मारे गए थे और 141 घायल हो गए थे। (भाषा इनपुट के साथ)