जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट्स ने उड़ान भरनी शुरू कर दी है. हाल ही में इस एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ था. सरकार नोएडा एयरपोर्ट से दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई राज्यों को जोड़ने की तैयारी कर रही है. नोएडा एयरपोर्ट को पहले ही दिल्ली-मुंबई एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए इंटरचेंज लगभग बनकर तैयार है. अब मेरठ, गाजियाबाद, फरीदाबाद जैसे एनसीआर के शहरों से नोएडा एयरपोर्ट आना आसान होगा. पश्चिमी यूपी, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों से भी इसे सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे को ईस्टर्न एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है. सरकार का पूरा प्लान क्या है? आइए बताते हैं.
क्या है पूरा प्लान?
जेवर एयरपोर्ट नोएडा और आगरा को जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बनाया गया है. अब यमुना एक्सप्रेसवे को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (KGP) से जोड़ने के लिए ग्रेटर नोएडा के जगनपुर-अफजलपुर के पास इंटरचेंज बनाया जा रहा है. अब तक ये दोनों एक्सप्रेसवे एक-दूसरे के ऊपर से गुजरते हैं, लेकिन आपस में कनेक्ट नहीं होते. लेकिन NHAI अब यहां क्लोवरलीफ डिजाइन का इंटरचेंज बना रहा है. इसमें कुल 8 लूप होंगे, जिसमें4 चढ़ने के लिए और 4 उतरने के लिए होंगे. इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 270 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं.

लाल लाइन ईस्टर्न पेरिफेरल है और नीली लाइन यमुना एक्सप्रेसवे, ये दोनों एक्सप्रेसवे यहीं इंटरलिंक होंगे
Photo Credit: Google Map
किसको और क्या होगा फायदा?
यमुना और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जुड़ने से दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा.
1. मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ से सीधा आगरा-मथुरा का सफर
अभी तक पश्चिमी यूपी के मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ और बागपत जैसे जिलों से आने वाले यात्रियों को आगरा और मथुरा जाने के लिए पहले ग्रेटर नोएडा के कासना और फिर परी चौक तक जाना पड़ता था. यहां अक्सर जाम की समस्या रहती थी. लेकिन लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद वे दुहाई और डासना से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पकड़कर सीधे यमुना एक्सप्रेसवे पर उतर सकेंगे.
गूगल मैप में देखिए कहां बन रहा इंटरचेंज
2. आगरा, अलीगढ़ और मथुरा से आने वाले लोगों को कैसे फायदा?
इसके अलावा आगरा और मथुरा की तरफ से आने वाले लोगों को भी इसका सीधा फायदा होगा. अब तक आगरा-मथुरा से आने वाले लोगों को अगर हरियाणा या पंजाब जाना होता था तो उन्हें कासना या घंगोला जैसे भीड़भाड़ वाले गांवों से होकर पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चढ़ना होता था. इसके लिए उन्हें करीब 20KM का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता था. लेकिन अब वे सीधे इंटरचेंज के जरिए बिना किसी जाम के ईस्टर्न पेरिफेरल पर आ जाएंगे, जिससे उनके समय और ईंधन दोनों की बड़ी बचत होगी.
3. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
इस इंटरचेंज के बनने के बाद सबसे बड़ा फायदा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आने वाले लोगों को होगा. अब पश्चिमी यूपी के मेरठ, गाजियाबाद, बागपत और हापुड़ से एयरपोर्ट आना हो या फिर फरीदाबाद, हरियाणा, राजस्थान या पंजाब के शहरों से. बिना जाम में फंसे या दिल्ली-नोएडा के भीड़भाड़ वाले इलाकों से गुजरे ही ईस्टर्न पेरिफेरल से यमुना एक्सप्रेसवे और फिर नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे.
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