- संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण के बिल को लोकसभा में वोटिंग के दौरान दो तिहाई बहुमत नहीं मिल सका
- राहुल गांधी ने कहा कि यह बिल महिला आरक्षण नहीं बल्कि राजनीतिक और चुनावी स्ट्रक्चर बदलने का प्रयास था
- प्रियंका गांधी ने कहा कि ये महिला आरक्षण की नहीं, लोकतंत्र की बात थी, देश की अखंडता की बात थी
संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का विधेयक लोकसभा की दहलीज पार नहीं कर सका. बिल के पक्ष में 298 वोट और विपक्ष में 230 वोट पड़े. यानी बिल दो तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाया. संसद में विधेयक गिरने के बाद कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि ये महिला आरक्षण बिल नहीं था, हमने इसे हरा दिया है. वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे देश की एकता और अखंडता के लिए बहुत बड़ी जीत करार दिया.
'ये राजनीतिक ढांचा बदलने का प्रयास था'
लोकसभा में वोटिंग के बाद बाहर निकले राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस सवाल का भी जवाब दिया, जिसमें विपक्ष के इस कदम को महिला विरोधी कहा जा रहा है. राहुल ने कहा कि हमने साफ कहा है कि ये महिला आरक्षण बिल नहीं है. ये हिंदुस्तान का जो राजनीतिक, इलेक्टोरल स्ट्रक्चर है, उसे बदलने की कोशिश है. ये हमने रोक दिया है.
#WATCH | दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, "यह संविधान पर आक्रमण था और इसे हमने हरा दिया है तो यह अच्छी बात है। हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह महिला बिल नहीं है, यह हिंदूस्तान का जो राजनीतिक ढांचा है, चुनावी ढांचा है, उसे बदलने की कोशिश है। यह हमने रोक दिया… https://t.co/d3qam2Gh5H pic.twitter.com/TqlCjJvpng
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 17, 2026
2023 का बिल लागू करें, 100% समर्थन देंगे
राहुल ने आगे कहा कि मेरा प्रधानमंत्री से कहना है कि अगर आप महिलाओं को आरक्षण देना चाहते हैं तो 2023 का महिला आरक्षण बिल निकालिए, उसे आज से लागू करिए. पूरा का पूरा 100 फीसदी विपक्ष आपको समर्थन देगा और उस महिला बिल को हम तुरंत लागू करवा देंगे.
ये देश की अखंडता की बड़ी जीत: प्रियंका
संविधान संशोधन(131वां संशोधन) बिल के लोकसभा में पारित न होने पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "ये महिला आरक्षण की बात नहीं थी, ये लोकतंत्र की बात थी, देश की अखंडता की बात थी. हम कभी इससे सहमत नहीं हो सकते कि आप महिला आरक्षण को इस तरह परिसीमन से जोड़ें कि वो पुरानी जनगणना पर चले, जिसमें OBC शामिल भी नहीं है. ये मुमकिन नहीं था कि ये बिल पारित हो. देश के लोकतंत्र के लिए, देश की अखंडता के लिए ये बड़ी जीत है.
#WATCH | Delhi | After The Constitution (One Hundred and Thirty-First Amendment) Bill, 2026 fails to pass in Lok Sabha, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, "This was not about women's reservation but democracy. We can never agree to linking delimitation with women's… pic.twitter.com/mo19jiJb1b
— ANI (@ANI) April 17, 2026
क्या ये महिला विरोधी माइंडसेट? दिया जबाव
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कहा, "महिला विरोधी माइंडसेट की बात वो कह रहे हैं, जिन्होंने हाथरस में कुछ नहीं किया, जिन्होंने उन्नाव में कुछ नहीं किया, जिन्होंने मणिपुर की महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया, जिन्होंने खिलाड़ियों के लिए कुछ नहीं कहा... और वो कह रहे हैं कि हमारा माइंडसेट महिला विरोधी है.
देखें- लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण बिल,नहीं मिल पाया दो तिहाई बहुमत, चाहिए थे 352 वोट मिले 298
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