- अमित शाह ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि परिसीमन के बाद किसी भी दक्षिणी राज्य की लोकसभा सीटें कम नहीं होंगी
- नया परिसीमन तभी लागू होगा जब संसद और राष्ट्रपति इसकी मंजूरी देंगे, यह संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया है
- जाति जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा जिसमें मकान और बिल्डिंग की गणना के बाद जाति का डेटा एकत्र किया जाएगा
महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में अपनी बात रखी. उन्होंने साफ किया कि परिसीमन के बाद किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी. उन्होंने कहा कि यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि जो तीन विधेयक आ रहे हैं उनसे दक्षिण भारत की सीटों की संख्या कम हो जाएगी. गृहमंत्री ने यह भी बताया कि परिसीमन के बाद किस राज्य में कितनी सीटें हो जाएंगी.
दक्षिण के किस राज्य में कितनी सीटें होंगी?
संसद के विशेष सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों में प्रतिनिधित्व घटने की आशंकाओं पर जवाब दिया. लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने संभावित आंकड़े पेश किए और कहा कि प्रस्तावित ढांचे में किसी भी क्षेत्र को नुकसान नहीं होगा. अमित शाह के अनुसार,
- कर्नाटक में लोकसभा सीटें 28 से बढ़कर 42 हो सकती हैं
- आंध्र प्रदेश की सीटें 25 से बढ़कर 38 हो सकती हैं
- तेलंगाना की 17 से 26 सीटें हो सकती हैं
- तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 तक पहुंच सकती हैं.
अमित शाह ने कहा कि ये आंकड़े साफ तौर पर दर्शाते हैं कि परिसीमन के बाद भी दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व में कमी नहीं आएगी. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक सबसे बड़ा नैरेटिव, भ्रांति फैलाई जा रही है कि जो तीन विधेयक है, उनके आने से दक्षिण की संख्या कम हो जाएगा और नुकसान हो जाएगा.
अमित शाह के भाषण की बड़ी बातें
- प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण: नया परिसीमन तभी लागू होगा जब संसद इसे स्वीकार करे और राष्ट्रपति महोदय अपनी मंजूरी की मुहर लगाएं. यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है, कोई एकतरफा फैसला नहीं.
- आगामी चुनावों पर असर नहीं: जब तक नया परिसीमन लागू नहीं होता, तब तक तमिलनाडु, बंगाल सहित सभी आगामी चुनाव पुरानी सीटों पर और पुरानी व्यवस्था के तहत ही होंगे.
- अखिलेश को सीधा जवाब: अमित शाह ने कहा कि अखिलेश यादव को परिसीमन से डरने की कोई जरूरत नहीं. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वो नई व्यवस्था में भी जीतेंगे नहीं, यह अलग बात है.
- विपक्ष को आयोग में जगह: अमित शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग में विपक्ष अपने लोग बिठा सकता है. प्रक्रिया पारदर्शी है और इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
- मैनिपुलेशन के आरोप पर पलटवार: प्रियंका गांधी के मैनिपुलेशन के आरोप पर शाह ने कहा कि अगर किसी ने परिसीमन में मैनिपुलेशन किया है तो वो कांग्रेस है. BJP यह काम नहीं करती.
- राजनीतिक टाइमिंग पर निशाना: शाह ने संकेत दिया कि तमिलनाडु और बंगाल में चुनाव नजदीक होने के कारण ही विपक्ष अभी परिसीमन का मुद्दा उठा रहा है, यह शुद्ध रूप से चुनावी राजनीति है.
- जाति जनगणना पर: मोदी कैबिनेट ने जाति जनगणना कराने का निर्णय ले लिया है. यह जनगणना के दूसरे चरण में होगी. पहले मकान और बिल्डिंग की गणना होगी, उसके बाद जाति का डेटा एकत्र किया जाएगा. इस प्रक्रिया को लेकर जो भ्रांति फैलाई जा रही है, वह निराधार है.
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