- भारत और अमेरिका के बीच Pax Silica समझौता दिल्ली में हुआ
- Pax Silica में भारत और अमेरिका के अलावा भी कई देश हैं शामिल
- रेयर अर्थ मिनिरल्स और AI के क्षेत्र में भारत को मिलेगी मजबूती
भारत और अमेरिका के बीच आज एक बेहद अहम समझौता हुआ है. Pax Silica समझौते के तहत भारत को अमेरिका से AI और सप्लाई चेन का भरोसा मिलेगा. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भारत में अमेरिका के राजूदत सर्गेई गोर ने आज इस समझौते का ऐलान किया. माना जा रहा है कि इस समझौते के बाद रेयर अर्थ मिनिरल्स और सेमीकंडक्टर में चीनी वर्चस्व के जाल से मुक्ति मिलेगी.
इस समझौते के तहत रेयर अर्थ मिनिरल्स और सेमीकंडक्टर उत्पादन के मामले में दोनों देशों के बीच मजबूती बढ़ेगी. इसके अलावा तेजी से बढ़ रहे AI कारोबार के दौर में मजबूत वैश्विक सिलिकन और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम विकसित होगा.
वैष्णव ने इस समझौते पर कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुए इस Pax Silica समझौते का बड़ा असर होगा. उन्होंने इस समझौते के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद करते हुए कहा कि इस पूरे AI इंपैक्ट समिट के दौरान हम सिलिकन सप्लाई चेन को मजबूत कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के दौरान युवाओं के लिए कई अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि हम यहां केवल एक सम्मेलन का आयोजन नहीं कर रहे हैं बल्कि हम भविष्य का निर्माण कर रहे हैं. हम अपने युवा पीढ़ी के लिए भविष्य की नींव रख रहे हैं.
गौरतलब है कि अमेरिका के अलावा Pax Silica सदस्यों में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इजरायल, जापान, कतर, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, यूएई और ब्रिटेन शामिल हैं. Pax Silica के जरिए सदस्य देश भविष्य के लिए AI और टेक इको सिस्टम का निर्माण कर सकते हैं. इसमें टेक्नॉलजी सप्लाई चेन, जिसमें ऊर्जा, रेयर अर्थ मिनिरल्स, उच्च तकनीक वाली मैनुफैक्चरिंग और AI मॉडल शामिल हैं. Pax Silica में शामिल देश आपस में मिलकर तकनीक के विकास और आर्थिक सुरक्षा के लिए काम करते हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं