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बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का प्रचार थमा, BJP-TMC ने झोंकी पूरी ताकत, जानिए क्या रहे मुद्दे

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए प्रचार थम गया है. इस चुनाव में बीजेपी और टीएमसी दोनों ने पूरी ताकत झोंक दी.

बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का प्रचार थमा, BJP-TMC ने झोंकी पूरी ताकत, जानिए क्या रहे मुद्दे
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार समाप्त हो गया है
  • बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी, अमित शाह और ममता बनर्जी सहित बड़े नेता रैलियां कर रहे हैं
  • 23 अप्रैल को उत्तरी बंगाल के 152 क्षेत्रों में मतदान होगा जिसमें 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल हैं
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम छह बजे समाप्त हो गया. SIR और लोगों की खान-पान की आदतें बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप के मुख्य दो मुद्दे रहे. दोनों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए कई वादे किए. इस चुनाव में बीजेपी और टीएमसी दोनों ने ही पूरी ताकत झोंक दी है. बीजेपी ने पीएम मोदी समेत तमाम बड़े नेताओं को प्रचार में उतारा तो वहीं टीएमसी ने भी जमकर सभाएं की हैं.

TMC और BJP ने झोंकी पूरी ताकत

चुनाव प्रचार खत्म होने तक बीजेपी और टीएमसी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. गृह मंत्री अमित शाह ने दार्जिलिंग, पाश्चिम मेदिनीपुर और कुल्टी में ताबड़तोड़ रैलियां कीं. उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने, 'सिंडिकेट राज' खत्म करने और एक लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा किया. वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर 24 परगना के खरदह में रैली की. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी उनके उम्मीदवारों को धमका रही है और घुसपैठियों के नाम पर राजनीति कर रही है.

इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी झारग्राम और मेदिनीपुर में रैलियां कीं, जबकि अभिषेक बनर्जी ने बांकुड़ा में मोर्चा संभाला. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सिलीगुड़ी में सभाएं कीं.  भ्रष्टाचार, घुसपैठ, महिला सुरक्षा और 'सोनार बांग्ला' बनाम 'स्थानीय बंगाली पहचान' प्रचार के केंद्र में रहे.

152 सीटों पर होनी है वोटिंग

उत्तरी बंगाल के 152 चुनावी क्षेत्रों और राज्य के दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में 23 अप्रैल को मतदान होना है. चुनाव आयोग के अनुसार, इस चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान कर सकेंगे. इन मतदाताओं में करीब 1.84 करोड़ पुरुष, 1.75 करोड़ महिला और 465 थर्डजेंडर वोटर्स शामिल हैं. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की रिकॉर्ड 2,450 कंपनियों को तैनात किया है, जिनमें लगभग 2.5 लाख कर्मी शामिल हैं. 

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चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए

चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पहले चरण के लिए 8,000 से ज्यादा मतदान केंद्रों को 'अत्यधिक संवेदनशील' के रूप में चिह्नित किया है. आयोग ने मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, कूच बिहार, बीरभूम और बर्धमान जैसे कुछ जिलों को 'विशेष रूप से संवेदनशील' के तौर पर चिह्नित किया है और इन क्षेत्रों के सभी निर्वाचन क्षेत्रों को कड़ी निगरानी में रखा है. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है, जिन्हें निगरानी टीम और 2,193 त्वरित प्रतिक्रिया टीम का सहयोग प्राप्त है, ताकि किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके.

इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी (भाजपा, नंदीग्राम), पूर्व केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रामाणिक (भाजपा, माथाभांगा), राज्य के मंत्री उदयन गुहा (तृणमूल, दिनहाटा), गौतम देब (तृणमूल, सिलीगुड़ी) और अधीर रंजन चौधरी (कांग्रेस, बहरामपुर) शामिल हैं.

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(एजेंसी के इनपुट के साथ)

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