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तेज रफ्तार से भागेगा बुंदेलखंड, कानपुर से कबरई सिर्फ 1.5 घंटा में पहुचेंगे, मोदी कैबिनेट का फैसला

यह प्रोजक्ट महोबा जिले को सीधे जोड़ेगी. इसे सरकार ने 'आकांक्षी जिला' घोषित कर रखा है. पिछड़े जिलों के विकास की सरकारी नीति के तहत इस हाईवे से महोबा और बुंदेलखंड के अन्य इलाकों में विकास की रफ्तार दोगुनी होने की उम्मीद है.

तेज रफ्तार से भागेगा बुंदेलखंड, कानपुर से कबरई सिर्फ 1.5 घंटा में पहुचेंगे, मोदी कैबिनेट का फैसला

केंद्रीय कैबिनेट ने कानपुर से कबरई के बीच एक नए शानदार फोरलेन (4/6 लेनिंग) हाईवे के निर्माण को हरी झंडी दे दी है. इस परियोजना के पूरे होने के बाद कानपुर से बुंदेलखंड के प्रवेश द्वार कबरई के बीच आने-जाने में लगने वाला समय आधे से भी कम रह जाएगा. 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि अभी कानपुर से कबरई के बीच का सफर तय करने में करीब साढ़े तीन घंटे का समय लगता है, लेकिन नया फोरलेन हाईवे बनने के बाद यह दूरी महज डेढ़ घंटे में पूरी की जा सकेगी.

यह परियोजना सफर के वक्त को कम तो करेगी ही इसके साथ ही इस पूरे क्षेत्र की आर्थिक और औद्योगिक सूरत को भी पूरी तरह से बदल कर रख देगी. इस हाईवे को बेहद आधुनिक मानकों के साथ तैयार किया जा रहा है, जिसमें वाहनों की रफ्तार से लेकर क्षेत्र के विकास तक का पूरा खाका खींचा गया है.

₹7,145 करोड़ का बजट

इस हाईवे परियोजना से जुड़े मुख्य आंकड़ों की बात करें, तो इसकी कुल लंबाई 242 किलोमीटर होगी. कैबिनेट ने इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 7,145 करोड़ रुपए के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है.

सरकार ने इसके निर्माण के लिए ढाई साल का समय तय किया है, यानी अगले 30 महीनों के भीतर इस हाईवे को बनाकर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.

यह नया मार्ग दरअसल 'भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर' (Bhopal-Kanpur Economic Corridor) का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस हाईवे को बीओटी यानी 'बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर' मोड के तहत विकसित किया जाएगा. 

कानपुर, हमीरपुर और महोबा जिलों को सीधा फायदा

यह 242 किलोमीटर लंबा हाईवे उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख जिलों– कानपुर, हमीरपुर और महोबा से होकर गुजरेगा. इस रूट पर पड़ने वाले प्रमुख शहरों और कस्बों जैसे कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर और कबरई को इसका सीधा लाभ मिलेगा. इन इलाकों में अभी ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है. इस हाईवे के बनने के बाद ट्रैफिक से छूटकारा मिल जाएगा.

माल ढुलाई में भी मिलेगा फायदा

इस हाईवे के बनने से सबसे बड़ा आर्थिक लाभ माल ढुलाई और व्यापार को होगा. कबरई का इलाका गिट्टी और कंक्रीट का एक बहुत बड़ा मुख्य केंद्र है. यहां से भारी मात्रा में निर्माण सामग्री कानपुर, भोपाल और आसपास के कई बड़े शहरों में सप्लाई की जाती है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही के कारण इस रूट पर अक्सर जाम और ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है. इसे सुधारने के लिए इस अपग्रेडेशन की सख्त जरूरत थी.

नया हाईवे इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है जहां गाड़ियां 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आसानी से दौड़ सकेंगी. यात्रा के समय में होने वाली 58 फीसदी की यह भारी कटौती ईंधन और समय दोनों की बचत करेगी.

यह प्रोजेक्ट देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी एक नई मजबूती देगा. इस फोरलेन हाईवे के बन जाने से प्रधानमंत्री गति शक्ति (PM Gati Shakti) योजना के तहत आने वाले 4 प्रमुख इकोनॉमिक नोड्स और 10 लॉजिस्टिक्स नोड्स की कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार होगा.

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