बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को निराशाजनक बताते हुए बुधवार को कहा कि इसमें दूरदृष्टि का अभाव है. नीतीश ने कहा कि हर वर्ष बजट की प्राथमिकताएं बदल दी जाती हैं, जो ध्यान केंद्रित न किए जाने और निधि के अभाव में पूरी नहीं हो पा रही हैं.
उन्होंने कहा कि बिहार को इस बजट से निराशा हाथ लगी है और एक बार फिर विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की अनदेखी की गई. उन्होंने कहा कि समावेशी विकास का सपना बिहार जैसे राज्यों को आगे बढ़ाये बिना संभव नहीं है.
-
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
मुख्यमंत्री ने कहा कि समावेशी विकास के तहत बिहार सरकार ने केंद्रीय बजट (2023-24) में वित्त मंत्रियों की बैठक में राज्य के लिए 20,000 करोड़ रूपये के विशेष पैकेज की मांग की थी जिसे बजट में नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि युवाओं के लिये रोजगार सृजन को लेकर बजट में कोई खका दिखाई नहीं दे रहा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों की वित्तीय स्थिति को नजरअंदाज किया गया है और राज्य सरकार की ऋण सीमा में वर्ष 2023-24 में कोई छूट नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने अपने ज्ञापन में इसे 4.5 प्रतिशत (4 प्रतिशत एवं 0.5 प्रतिशत सशर्त) तक रखने का आग्रह किया था जो पिछड़े राज्यों के विकास में तथा नए रोजगार सृजन में लाभप्रद होता.
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में भारत सरकार ने सात प्राथमिकताओं (सप्तऋषि) का निर्धारण किया है और यह केंद्र सरकार की पहले से चल रही योजनाओं की केवल ‘‘पुन: पैकेजिंग'' है.
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार 2016 से ही सात निश्चय-1 एवं वर्ष 2021 से सात निश्चय-2 के अन्तर्गत नई योजनाओं को सफलता से क्रियान्वित कर रही है.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय आम बजट में बिहार सरकार की सात निश्चय योजनाओं की तर्ज पर ही सात प्राथमिकताएं (सप्तऋषि) निर्धारित की गयी हैं लेकिन इसके लिये पर्याप्त बजट का प्रावधान नहीं किया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर बजट से बिहार के आर्थिक विकास में कुछ लाभ मिलता प्रतीत नहीं हो रहा.
इससे पूर्व बिहार के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की गई बजटीय घोषणाओं पर निराशा जताते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने एक बार फिर बिहार की जनता को धोखा दिया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं