- असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पास हो गया है. इस विधेयक के पास होने पर अब कई नियम बदल जाएंगे.
- यूसीसी एकविवाह को अनिवार्य बनाता है अगर कोई एक से ज्यादा शादी करता है, तो ये गैरकानूनी होगी.
- वहीं, शादी के लिए दूल्हों के लिए 21 वर्ष और दुल्हनों के लिए 18 वर्ष की मानक कानूनी आयु निर्धारित की गई है.
Uniform Civil Code Assam: असम विधानसभा से समान नागरिक संहिता (UCC) पास हो गया है. असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने यूसीसी को लागू करने की बात पहले ही कही थी. आज असम विधानसभा से यूसीसी से जुड़ा प्रस्ताव पास कर दिया गया. समान नागरिक संहिता को पास करने वाला असम देश का चौथा राज्य बन गया है. सबसे पहले उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने यूसीसी को पास किया था. उसके बाद गोवा और गुजरात में भी यूसीसी को पास किया जा चुका है.
यूसीसी (UCC - Uniform Civil Code) क्या है?
समान नागरिक संहिता का अर्थ है कि देश के सभी नागरिकों (बिना किसी धर्म, जाति या लिंग भेद के) के लिए विवाह, तलाक, संपत्ति के उत्तराधिकार और बच्चा गोद लेने जैसे मामलों में एक ही समान कानून लागू होना. यह बीजेपी का एक बड़ा वादा है. जिसे अब धीरे-धीरे राज्यों की विधानसभाओं से पारित किया जा रहा है.
बहुविवाह पर प्रतिबंध, लिव इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
असम सरकार ने सोमवार को यूसीसी विधेयक सदन में प्रस्तुत किया था, जिसका उद्देश्य बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाना और लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य करना है. हालांकि, विधेयक में यह भी प्रावधान है कि यह असम में रहने वाले अनुसूचित जनजाति (अजा) समुदायों पर यह लागू नहीं होगा.
इसमें कई दंडात्मक प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें द्विविवाह या बहुविवाह के लिए सात साल की जेल और लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण न कराने पर तीन महीने की सजा शामिल है.
पहली कैबिनेट बैठक के बाद सीएम ने की थी घोषणा
मालूम हो कि बीते दिनों असम में हिमंता सरकार की दूसरे कार्यकाल की पहली मंत्रिमंडल बैठक की अध्यक्षता करने के बाद गुवाहटी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा हिमंता सरकार यूसीसी विधेयक 26 मई को नयी विधानसभा में पेश किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘यह मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है और यह चुनावों के दौरान किए गए हमारे वादे के अनुरूप है.''
असम सीएम ने कहा था कि उत्तराखंड, गोवा और गुजरात पहले ही यूसीसी को लागू कर चुके हैं, लेकिन उनकी सरकार ने इसे असम की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया है.
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