- TMC ने ED द्वारा पार्टी के तीन खातों को फ्रीज करने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
- हाई कोर्ट ने 20 जुलाई को खातों को फ्रीज करने और PMLA के तहत जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.
- ED का आरोप है कि अवैध फंड को भेजने के लिए पार्टी के खाते से ₹133.84 करोड़ 'केयरवेल एविएशन' को ट्रांसफर किए गए.
तृणमूल कांग्रेस ने ईडी द्वारा पार्टी के तीन खातों को फ्रीज करने के कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. कोर्ट ने 20 जुलाई को खातों को फ्रीज करने और PMLA के तहत जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. अब सुप्रीम कोर्ट में 3 अगस्त को मामले की सुनवाई होगी. हाई कोर्ट ने 20 जुलाई को टीएमसी के एचडीएफसी बैंक में पार्टी के तीन खातों को ईडी द्वारा फ्रीज करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. इसके साथ ही, हाई कोर्ट ने PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच पर भी रोक लगाने से इनकार किया गया था.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पश्चिम बंगाल के विधायक विश्वनाथ दास द्वारा 18 जून को बिधाननगर साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करवाई गई थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि अवैध गतिविधियों, प्रभाव के दुरुपयोग और गलत वित्तीय लेन-देन के जरिए प्राप्त धन को HDFC के तीन बैंक खातों के जरिए भेजा गया था.
इस मामले में ईडी ने 23 जून को ECIR दर्ज किया और 7 जुलाई को TMC के HDFC के तीन बैंक खातों सहित छह बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था. ED का आरोप है कि फंड को दूसरी जगह भेजने की एक योजना के तहत पार्टी के एक खाते से 'केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' को ₹133.84 करोड़ ट्रांसफर किए गए.
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टीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट मामले में दखल देने की मांग की है. पार्टी ने अपील की है कि हाई कोर्ट के आदेश को रद्द किया जाए और जब तक ED की कार्रवाई की वैधता पर चल रही रिट कार्यवाही में कोई अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक फ्रीज किए गए बैंक खातों को चलाने की अंतरिम इजाजत दी जाए.
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