पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सीनियर नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्र रथ की मौत से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट गया है. मां का रो-रोकर बुरा हाल है. 41 साल की उम्र के बेटे को खोने वाली मां हसिरानी रथ ने कहा, मुझे बस इंसाफ चाहिए, मैं मां हूं, इसलिए किसी और के लिए मौत नहीं मांगती, लेकिन उन्हें उम्रकैद होनी चाहिए. उन्होंने ऐसा इसलिए किया कि बीजेपी सत्ता में आ गई. हमारे प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेता लगातार कानून-व्यवस्था कायम करने की गुहार लगा रहे थे,लेकिन सत्तारूढ़ दल के लोगों की ओर से भड़काऊ बयान दिए जा रहे हैं. वो कह रहे थे कि 4 मई के बाद दिल्ली में तुम्हारा बाप भी तुमको नहीं बचा पाएगा. उन्होंने ऐसा कर दिखाया. अगर मेरा बेटा सड़क हादसे में मर गया हो होता तो मुझे इतना दिख नहीं होता. लेकिन गुंडों ने जिस तरह से उसे मारा और तृणमूल कांग्रेस की ओर से जो बातें बनाई जा रही हैं. शुभेंदु अधिकारी द्वारा ममता बनर्जी को हराए जाने के बाद से मेरा परिवार खतरे का सामना कर रहा था.
#WATCH | Chandipur, Purba Medinipur, West Bengal: Hasirani Rath, mother of BJP leader Suvendu Adhikari's PA Chandra, who was shot dead near Madhyamgram last night, says, "I want the guilty to be punished. I am a mother, I do not want them to be hanged. I want life imprisonment… pic.twitter.com/h1OMxWFbO3
— ANI (@ANI) May 7, 2026
स्थानीय टीवी चैनलों से बातचीत में चंद्रनाथ की मां ने कहा कि मेरे बेटे की हत्या भवानीपुर में ममता बनर्जी की हार का नतीजा है. उन्होंने कहा, मेरे बेटे को भवानीपुर और नंदीग्राम सीट की खास जिम्मेदारी दी गई. इसलिए उसे निशाना बनाया गया. मां ने कहा, जहां सुवेंदु अधिकारी और अन्य बीजेपी नेता लगातार शांति की अपील कर रहे थे, वहीं टीएमसी नेता खुली बयानबाजी के साथ कह रहे थे कि 4 मई को नतीजों के बाद दिल्ली का कोई नेता बीजेपी कार्यकर्ताओं को बचा नहीं पाएगा.
चंद्रनाथ रथ के छोटे भाी देव कुमार ने कहा कि हमने बुधवार दोपहर को भाई से आखिरी मुलाकात की थी. उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी.जिसने भी ये साजिश रची है, उसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए.दोपहर दो बजे बातचीत के बाद वो मध्यममार्ग से कोलकाता रवाना हो गए थे.
बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी कहा है कि बंगाल में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है. ये राजनीतिक प्रतिशोध में की गई हत्या है.उन्होंने कहा, क्या ये हत्या कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई, क्या इसके पीछे कुछ और मकसद था या बदले की कार्रवाई. ये कोई साधारण हत्या नहीं है. वो फर्जी नंबर प्लेट वाली कार लेकर आए, रास्ता रोका और फिर बाइक सवारों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने इसे सोची समझी हत्या और सुनियोजित साजिश बताया है. डीजीपी ने कहा है कि ये पूर्व नियोजित हत्या है. दो-तीन दिनों तक रेकी की गई और फिर हत्याकांड को अंजाम दिया गया.
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